भिवानी: जूई-भाखड़ा बिजली लाइन का विरोध, किसानों ने मांगा खंभों का मुआवजा
भिवानी के जूई में बिजली लाइन के खंभों को लेकर किसानों का रोष। अखिल भारतीय किसान सभा ने खैरपुरा रोड पर की बैठक। बिना मुआवजे पोल न लगाने देने की दी चेतावनी।
जूई। अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी के नेतृत्व में गोलागढ़ के पास खैरपुरा रोड पर किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें जूई से भाखड़ा तक प्रस्तावित बिजली लाइन के खंभों के मुआवजे को लेकर गहन चर्चा कर रोष जताया गया।
बैठक में आसपास के कई गांवों के किसानों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान बताया गया कि लहलाना के पास भाखड़ा गांव में 33 केवी बिजली स्टेशन बनाने की योजना है जिसके लिए यह लाइन चार-पांच गांवों के खेतों से होकर गुजरनी है। इसको लेकर प्रभावित किसान अपने खेतों में लगाए जाने वाले बिजली पोल का उचित मुआवजा मांग रहे हैं।
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि निगम के नियमों के अनुसार इस प्रकार की बिजली लाइनों के खंभों का मुआवजा नहीं दिया जाता क्योंकि यह परियोजना आम जनता को बिजली आपूर्ति के लिए बनाई जा रही है।
किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उप प्रधान कामरेड ओमप्रकाश और जिला सचिव मास्टर जगरोशन सहित अन्य किसानों ने इस फैसले का विरोध किया। किसानों का कहना है कि प्रत्येक खंभा लगभग पांच वर्ग मीटर भूमि घेरता है और तार खेतों के ऊपर से गुजरने के कारण हमेशा खतरा बना रहता है। इससे किसान उस भूमि पर ट्यूबवेल, मकान या पेड़ नहीं लगा सकते और जमीन की कीमत भी घट जाती है।
किसानों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए चेतावनी दी कि बिना मुआवजे के किसी भी हालत में खेतों में पोल खड़े नहीं होने दिए जाएंगे। बैठक में संघर्ष की रूपरेखा तैयार की गई और निर्णय लिया गया कि जब तक किसानों से बातचीत कर सहमति नहीं बनती तब तक कार्य का विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर कर्ण सिंह जैनावास, दलबीर सिंह, श्रीपाल, पवन, सते कुमार, आनंद कौशिक, रोहतास, मदन, विनोद, बंसीलाल आदि मौजूद रहे।

