भिवानी: शहीद पिता का अग्निवीर बेटा अमन पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई!
भिवानी के गांव खरियावास निवासी अग्निवीर अमन का हृदय गति रुकने से निधन। पिता की शहादत के समय गर्भ में थे अमन। राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई।
भिवानी। गांव खरियावास निवासी 23 वर्षीय अग्निवीर अमन का शुक्रवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को गांव लाकर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अमन बीकानेर में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। बुधवार को उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके बाद पहले बीकानेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर हालत गंभीर होने पर आरआर अस्पताल, दिल्ली रेफर किया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर गांव खरियावास लाया गया जहां आसपास के गांवों से भी लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एसएचओ तोशाम और कैरू पुलिस चौकी प्रभारी ने पुष्प चक्र अर्पित किया। सूबेदार प्रदीप सिंह के नेतृत्व में 15 सैनिकों ने सलामी दी। अंतिम यात्रा के दौरान ‘अमन अमर रहे’ के नारों से माहौल गूंज उठा और ग्रामीणों की आंखें नम रहीं।
अमन के निधन से गांव में शोक के चलते चूल्हा तक नहीं जला। वह अविवाहित थे। उनके बड़े भाई और दो बहनें विवाहित हैं। उनके पिता लगभग 24 वर्ष पहले सेना में शहीद हो गए थे उस समय अमन अपनी मां के गर्भ में थे। करीब ढाई वर्ष पहले उनका चयन अग्निवीर सैनिक के रूप में हुआ था।
सरपंच जयप्रकाश वर्मा ने कहा कि अमन बेहद सरल स्वभाव के थे। इस मौके पर सूबेदार प्रदीप सिंह, सरपंच खरियावास जयप्रकाश वर्मा, सुंदरपाल सरपंच कैरू, कुलदीप पटवारी, दलीप डॉक्टर, सुरेंद्र गोयल, प्रहलाद सिंह बांगड़वा, संतलाल बांगड़वा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

