भिवानी लघु सचिवालय: बिजली गुल होने से 5 घंटे ठप रहा सरकारी कामकाज
भिवानी लघु सचिवालय में बिजली न आने से 5 घंटे तक सरल केंद्र और रजिस्ट्री का काम ठप। उमस भरी गर्मी में लोग परेशान, जनरेटर की कमी से आम जनता को झेलनी पड़ी मुसीबत।
भिवानी। लघु सचिवालय में वीरवार का दिन आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के लिए परेशानी भरा रहा। परिसर की बिजली आपूर्ति में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इससे सरल केंद्र का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। तहसील कार्यालय में ऑनलाइन भूमि रजिस्ट्री का सर्वर और सिस्टम भी ठप रहा। बिजली गुल होने से पूरे परिसर में करीब पांच घंटे तक ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। मानसून की उमस भरी गर्मी और बिजली कट के संकट ने सैकड़ों लोगों की बेचैनी बढ़ा दी।
सरल केंद्र और भूमि रजिस्ट्री का काम प्रभावित
वीरवार सुबह सरकारी दफ्तर खुलते ही दूर-दराज के गांवों और शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग सरल केंद्र पहुंचे थे। वे जाति प्रमाणपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र, बुढ़ापा पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने आए थे। लेकिन सुबह से ही बिजली गुल होने से कंप्यूटर बंद रहे। सरल केंद्र में पहुंचे लोग एसी बंद होने से पसीने से बेहाल रहे। कर्मचारियों ने बताया कि बिजली आने पर ही सिस्टम काम करेगा।
सरल केंद्र के साथ-साथ तहसील कार्यालय का भी यही हाल था। ऑनलाइन भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह बंद रही। जमीन के खरीदार और विक्रेता घंटों बिजली आने का इंतजार करते रहे। तहसील कार्यालय में जनरेटर की सुविधा नहीं है। ऐसे में बिजली गुल होने से यहां का कामकाज प्रभावित हो जाता है, जबकि सरकार को बड़ा राजस्व इसी विभाग से मिलता है। पेपरलेस भूमि रजिस्ट्री सिस्टम लागू होने के बाद बिजली गुल होने से बड़ी परेशानी हुई।
उमस भरी गर्मी और तकनीकी दिक्कतें
दोपहर के समय लघु सचिवालय की मुख्य बिजली लाइन में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद करीब पांच घंटे तक पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति गुल रही। जनरेटर बैकअप भी कुछ ही देर में जवाब दे गया। बारिश के कारण मौसम में भारी उमस है। बिना पंखे और एसी के सरकारी कार्यालयों में बैठना मुश्किल हो गया। बाबू और अधिकारी पसीने से तर-बतर होकर फाइलों से हवा करते दिखे। उमस भरी गर्मी के कारण कई बुजुर्गों और महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद वे परिसर के पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हो गए।
लघु सचिवालय के कर्मचारियों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के बाद से ही बिजली और इंटरनेट की लाइन में तकनीकी दिक्कतें आम हो गई हैं। जरा सी बारिश या तेज हवा चलते ही इंटरनेट की ऑप्टिकल फाइबर केबल में फॉल्ट आ जाता है, जिससे ऑनलाइन सेवाएं ठप हो जाती हैं। लघु सचिवालय में बिजली और इंटरनेट का कोई मजबूत वैकल्पिक बैकअप नहीं है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
भूमि रजिस्ट्री के लिए सुबह से कर रहे लाइट का इंतजार
मैं रोहतक से भिवानी भूमि रजिस्ट्री कराने के लिए आया था। टोकन भी कट चुका है लेकिन लाइट गुल है। कई घंटों तक बिजली आने का इंतजार भी किया मगर बात नहीं बनी। जब तक लाइट नहीं आएगी तब तक सिस्टम भी काम नहीं कर पाएगा। तहसील कार्यालय में जनरेटर की सुविधा नहीं है।
सरल केंद्र में सरकारी योजना के लिए आवेदन करने आई थी। मुझे बताया कि लाइट नहीं है बिजली आने पर ही कंप्यूटर सिस्टम काम करेगा। ऐसे में मुझे काफी देर वेटिंग चेयर पर बैठकर समय बिताना पड़ा। एक बार लाइट आई मगर थोड़ी देर बाद ही फिर चली गई। इससे मेरा काम नहीं बना। अब शुक्रवार को दोबारा आना पड़ेगा।
कमलेश देवी स्थानीय नागरिक।
बारिश के मौसम की वजह से अचानक ही लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। जिसे दुरुस्त करने के लिए निगम कर्मचारियों की टीम काम पर लगी रही। इन दिनों निगम की तरफ से ट्री कटिंग का काम भी किया जा रहा है ताकि बिजली लाइनों में कम से कम फाल्ट बने। हालांकि लघु सचिवालय परिसर के लिए अलग से लाइन है, इसी लाइन में दिक्कत आने पर परेशानी बनी थी जिसे दूर कर दिया गया है।

