भिवानी मेडिकल कॉलेज में मरीजों का सैलाब: ओपीडी में पहुंचे 2000 मरीज, भारी किल्लत
भिवानी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को उमड़ी 2000 मरीजों की भीड़। बदलते मौसम से वायरल, स्किन और हड्डी रोगों के मरीज बढ़े। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की कमी से परेशानी।
भिवानी। मौसम में बदलाव के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होने से पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और मरीजों का आंकड़ा दो हजार के करीब पहुंच गया। ओपीडी विभाग में स्थित पंजीकरण केंद्र पर सुबह नौ बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पंजीकरण कराने वालों में महिला और बुजुर्ग मरीजों की संख्या अधिक रही।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ओपीडी में महिला रोग, त्वचा रोग, हड्डी रोग एवं सामान्य रोग विशेषज्ञ के पास सबसे अधिक मरीजों का पंजीकरण हुआ। वहीं सोमवार को बाल रोग मरीजों की संख्या सामान्य रही। भीड़ अधिक होने के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को जांच से लेकर दवाइयां लेने तक के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
इन रोगों के पहुंच रहे मरीज
सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में गले में दर्द, खांसी, जुकाम, सांस लेने में परेशानी, पथरी और पेट दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं महिला रोग विशेषज्ञ के पास गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ पेशाब में संक्रमण, पेशाब में जलन, माहवारी संबंधी समस्या, पीसीओडी और सफेद पानी आने जैसी शिकायतों के मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास अधिकतर मरीज गठिया, बदन दर्द और चोट से संबंधित समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं।
जांच केंद्रों पर भी बढ़ा दबाव
मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज में खून जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और एमआरआई जांच केंद्रों पर भी दबाव बढ़ गया है। खून जांच केंद्र पर औसतन 500 मरीज, अल्ट्रासाउंड केंद्र पर 150 से 180, एक्सरे में 300 तथा एमआरआई में 30 से 35 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते कार्यभार और बढ़ गया है तथा अधिकांश काम प्रशिक्षुओं के सहारे संचालित किया जा रहा है।
मरीजों की पीड़ा
पुत्रवधू को दिखाने के लिए यहां आया था। लेकिन यहां आने के बाद समय से स्ट्रेचर तक नहीं मिल पाया है। प्रशासन को कम से कम व्हील चेयर और स्ट्रेचर का तो प्रबंध करना चाहिए। दर्द के मरीजों को तो व्हील चेयर और स्ट्रेचर नहीं होने के कारण अधिक समस्या हो रही है।
महिला चिकित्सक के पास दवाइयां लेने के लिए आई हूं। लेकिन यहां नंबर तक नहीं आ रहा है। सुबह पहले तो पंजीकरण के लिए समय लग गया। अब यहां आकर देखा तो भीड़ बहुत है। दो घंटे तो हो गए हैं बैठे हुए, अब देखती हूं कि कितना समय और लगता है। थोड़ी देर इंतजार करती हूं। अगर नंबर आ जाता है तो ठीक नहीं तो कल निजी अस्पताल में जाउंगी।
मौसम में उतार-चढाव के दौरान लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इस कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या थोड़ी अधिक रहती है। चिकित्सक सभी मरीजों की नियमित जांच कर रहे हैं। मरीजों को भी थोड़ा समय का ध्यान रखते हुए धैर्य से काम लेना होगा।

