Bhiwani Nursing Officers Strike: ऑनलाइन तबादला नीति के विरोध में हड़ताल पर बैठे नर्सिंग स्टाफ, दो घंटे ठप रहा कामकाज

हरियाणा सरकार की मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति के विरोध में भिवानी के नर्सिंग ऑफिसर्स ने तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी है। आपात सेवाएं जारी हैं।

 
Nursing Officer Welfare Association

हरियाणा सरकार की मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति (MOTP) के विरोध में जिलेभर के नर्सिंग ऑफिसर्स ने मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर सोमवार से सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने दो घंटे तक काम बंद रखकर कड़ा विरोध जताया। हालांकि, मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए आपात (Emergency) विभाग की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुचारू रखी गईं।

🛡️ सुरक्षा और परिवार की देखभाल का गंभीर मुद्दा: 98 प्रतिशत महिला स्टाफ ने जताया तबादले पर रोष

हड़ताल के दौरान एसोसिएशन की पदाधिकारियों सुषमा, एसएनओ सरला कुमारी, सुमन राणा, बिंदू, निशा, प्रशांत, रेखा, अंजू शर्मा, ज्योति और सुशीला ने बताया कि नर्सिंग कैडर में लगभग 98 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। उन्हें सुबह, दोपहर, शाम और रात की अलग-अलग पालियों (Shifts) में ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में यदि किसी महिला कर्मचारी का तबादला दूसरे जिले में कर दिया जाता है, तो उनके सामने सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की देखभाल पर भी बुरा असर पड़ेगा।

📋 एसोसिएशन की प्रमुख मांगें: सहमति से हो तबादले और मेवात भत्ता दिए जाने की उठी मांग

नर्सिंग एसोसिएशन ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन तबादला नीति लागू करने से पहले सभी रिक्त पदों की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए। यदि नीति लागू की जाती है, तो महिला कर्मचारियों की तरह नर्सिंग स्टाफ को भी केवल सुबह 9 से शाम 5 बजे तक एक ही पाली में काम करने का विकल्प दिया जाए। इसके अलावा, तबादले केवल कर्मचारी की सहमति से और खाली पदों पर ही किए जाएं, नूंह-मेवात क्षेत्र में चिकित्सकों की तर्ज पर मेवात भत्ता मिले तथा आपसी तबादले का विकल्प भी दिया जाए।