भिवानी: पेयजल की चोरी करते पकड़े गए लोग, बागों की सिंचाई में हो रहा था पानी

भिवानी के गांव पालुवास में सरकारी पाइपलाइन से पानी की चोरी का खुलासा। लोग बागों की सिंचाई के लिए टुल्लू पंप का कर रहे थे इस्तेमाल, ग्रामीणों को मिल रहा था कम पानी।

 
भिवानी जल जीवन मिशन

भिवानी: जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के सरकारी प्रयासों के बीच भिवानी जिले के गांव पालुवास में पेयजल की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है. जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह औचक छापेमारी कर मुख्य पाइपलाइन से अवैध तरीके से पानी खींचकर फलों के बागों की सिंचाई किए जाने का खुलासा किया. जांच में कई घरों में नियमों के विरुद्ध एक से अधिक कनेक्शन और मुख्य पाइपलाइन पर सीधे टुल्लू पंप लगाए जाने की भी पुष्टि हुई है.

शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई: गांव के लोगों ने विभाग को लगातार शिकायत दी थी कि जलापूर्ति का समय बढ़ने के बावजूद उनके घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा. शिकायतों के आधार पर जन स्वास्थ्य विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) बिजेश कुमार जावला विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के साथ प्रभावित गली में पहुंचे. मौके पर जांच के दौरान पानी की कमी की असली वजह सामने आई.

मुख्य पाइपलाइन से चल रही थी पानी की चोरी: जांच में पता चला कि कई उपभोक्ताओं ने सीधे मुख्य पाइपलाइन पर दो-दो टुल्लू पंप लगा रखे थे. इतना ही नहीं, एक ही गली में स्थित तीन खाली प्लॉटों में लगाए गए फलों के बागों की सिंचाई भी इसी सरकारी पेयजल से की जा रही थी. ग्रामीणों के अनुसार जैसे ही सरकारी जलापूर्ति शुरू होती थी, प्लॉट मालिक मोटरें चालू कर देता था और पूरी सप्लाई के दौरान पानी सीधे बागों तक पहुंचाया जाता था. इसका नतीजा यह रहा कि आसपास के घरों में नलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था.

ग्रामीणों ने बताई परेशानी: स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी की सप्लाई के दौरान बागों में लगातार मोटरें चलने से उनके घरों के नलों में पानी की जगह हवा आने लगती थी. लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह स्थिति बनी हुई थी, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी का संकट झेलना पड़ रहा था. शिकायतों के बाद विभाग ने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति की जांच की.

नोटिस के बाद होगी कानूनी कार्रवाई: जन स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभाग का कहना है कि यदि नोटिस के बाद भी अवैध मोटरें नहीं हटाई गईं और पानी की चोरी जारी रही तो मोटरें जब्त करने के साथ-साथ संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

"मुख्य पाइपलाइन पर मोटर लगाना गैर-कानूनी": जन स्वास्थ्य विभाग के जेई बिजेश कुमार जावला ने कहा कि, "इस मामले में संलिप्त लोगों को तुरंत नोटिस जारी किया जा रहा है. यदि उन्होंने अपनी आदत नहीं सुधारी तो उनकी मोटरें जब्त करने के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी. मुख्य पाइपलाइन पर सीधे मोटर लगाना पूरी तरह गैर-कानूनी है और इससे अन्य उपभोक्ताओं का अधिकार प्रभावित होता है."

"पहले अंडरग्राउंड टैंक में भरें पानी": जेई बिजेश कुमार जावला ने आगे कहा कि, "विभाग के नियमों के अनुसार सरकारी लाइन से पानी बिना मोटर के प्राकृतिक दबाव से पहले अंडरग्राउंड टैंक में भरना चाहिए. इसके बाद उपभोक्ता अपने पंप की सहायता से छत पर रखी टंकी में पानी चढ़ा सकता है. सीधे पाइपलाइन पर मोटर लगाकर पानी खींचना नियमों के खिलाफ है. विभाग हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. लोगों की सुविधा के लिए पानी की सप्लाई का समय भी बढ़ाया गया है, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही के कारण दूसरों का हक मारा जा रहा है. आम जनता से अपील है कि पानी का सदुपयोग करें और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में विभाग का सहयोग करें."