भिवानी: पाइपलाइन परियोजना से 3500 एकड़ भूमि को जलभराव से मिलेगी राहत

भिवानी के पांच गांवों में पाइपलाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार। 3500 एकड़ कृषि भूमि को जलभराव से मिलेगी मुक्ति। सिंचाई विभाग ने कार्य पूरा होने का दावा किया।

 
भिवानी कृषि समाचार

भिवानी। दो साल से अधर में लटकी पाइपलाइन परियोजना ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। परियोजना पूरी होने के बाद घुसकानी, गुजरानी, मिताथल, प्रेमनगर और तिगड़ाना की करीब 3500 एकड़ कृषि भूमि को जलभराव से राहत मिलेगी। खेतों में जमा बरसाती पानी पाइपलाइन के माध्यम से नजदीकी ड्रेन और नहर तक पहुंचाया जाएगा। सिंचाई विभाग का दावा है कि परियोजना अंतिम चरण में है और इसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा, जिससे इन गांवों के किसानों को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

सिंचाई विभाग ने पांच गांवों के खेतों से बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब दो करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से पाइपलाइन बिछाने का कार्य करीब दो वर्ष पहले शुरू किया था। कृषि भूमि से पानी की निकासी की यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही जिसके कारण पिछले वर्ष भी किसानों को जलभराव का सामना करना पड़ा। अब परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों का पानी सीधे ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए तिगड़ाना ड्रेन से निगाना फीडर नहर तक पाइपलाइन बिछाई गई है।

भिवानी-घग्गर ड्रेन पर अतिरिक्त पानी का दबाव होगा कम
पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद भिवानी-घग्गर ड्रेन पर भी अतिरिक्त पानी का दबाव कम होगा। खेतों का कुछ बरसाती पानी पाइपलाइन के माध्यम से नजदीकी ड्रेनों में पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को फसल की बुवाई में सुविधा मिलेगी और जलभराव के कारण खड़ी फसल के खराब होने की आशंका भी कम होगी।

किसान बोले-जलभराव से बर्बाद हो जाती हैं फसलें
गांव प्रेमनगर के किसान दिलबाग, कर्मबीर तथा गुजरानी के किसान महीपाल ने बताया कि बारिश के दौरान खेतों में खड़ी फसल जलभराव के कारण बर्बाद हो जाती है। कई-कई महीनों तक खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन तो बिछा दी गई है मगर पानी की निकासी के लिए पंपिंग क्षमता अभी भी कमजोर है। पहले से ही भिवानी-घग्गर ड्रेन में पानी ओवरफ्लो रहता है। ऐसे में अन्य ड्रेन भी खेतों का पानी सीमित मात्रा में ही निकाल पाती हैं। हालांकि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम करती है और खेतों में जमा पानी सप्ताहभर के भीतर निकल जाए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है।

पांच गांवों के खेतों से बरसाती पानी की निकासी के लिए बचा हुआ कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पाइपलाइन के माध्यम से करीब 3500 एकड़ कृषि भूमि से बारिश के पानी की निकासी हो सकेगी। सिंचाई विभाग की इस परियोजना पर कुछ समय कार्य बंद रहा था मगर अब इसे जल्द पूरा कर पाइपलाइन को नजदीकी ड्रेनों से जोड़ दिया जाएगा।