भिवानी में बिजली संकट: 45 डिग्री गर्मी में हर 75 मिनट में फुंक रहा एक ट्रांसफार्मर
भिवानी और चरखी दादरी में भीषण गर्मी का कहर। रोजाना 19 ट्रांसफार्मर हो रहे खराब, 15 दिन में 285 फुंके। बिजली कटौती से जनता परेशान, सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा निगम।
भिवानी। 45 डिग्री तक पहुंचे तापमान का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। भिवानी सर्कल में हर 75 मिनट में बिजली निगम का एक ट्रांसफार्मर फूंक रहा है जबकि हर 24 घंटे में करीब 19 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। इसके चलते लोगों को बेतहाशा बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है वहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को भी लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भिवानी सर्कल के भिवानी और चरखी दादरी जिले में कई फीडर अब भी ओवरलोड चल रहे हैं। अत्यधिक बिजली लोड और बढ़े तापमान के कारण ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ गया है। पिछले एक पखवाड़े में ओवरहीट होने के कारण निगम के करीब 285 बिजली ट्रांसफार्मर फूंक चुके हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के भिवानी सर्कल के तहत भिवानी और चरखी दादरी जिले में करीब पौने पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं तक बिजली आपूर्ति पहुंचाने के लिए निगम ने अधिकांश इलेवन केवी फीडरों पर 100 केवीए से लेकर 200 केवीए तक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए हुए हैं। वहीं कृषि क्षेत्र के कनेक्शनों पर 25 केवीए के ट्रांसफार्मर सबसे अधिक लगे हैं।
करीब एक पखवाड़ा पहले भिवानी सर्कल में रोजाना 14 से 15 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होकर सर्कल के स्टोर में पहुंच रहे थे लेकिन अब अत्यधिक गर्मी और 45 डिग्री तक पहुंचे तापमान के कारण रोजाना 18 से 19 ट्रांसफार्मर खराब होकर स्टोर पहुंच रहे हैं। भिवानी सर्कल में निगम का स्टोर है जहां पुराने ट्रांसफार्मरों की मरम्मत और खराब ट्रांसफार्मरों की जगह नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने का जिम्मा है। स्टोर में खराब ट्रांसफार्मरों के ढेर लगने लगे हैं। हालांकि निगम ने कुछ समय पहले हिसार सेंट्रल स्टोर से भी काफी ट्रांसफार्मर मंगवाए थे जिन्हें ओवरलोड चल रहे इलेवन केवी फीडरों पर लगाया गया था।
लोड ज्यादा होने से भी खराब हो रहे ट्रांसफार्मर
दरअसल निगम से बिजली कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं ने स्वीकृत बिजली लोड कम दर्शाया हुआ है जबकि घरों और प्रतिष्ठानों में उपकरणों की संख्या बढ़ने से बिजली खपत अधिक हो रही है। निगम किसी भी क्षेत्र में स्वीकृत लोड के आधार पर ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता तय करता है। अत्यधिक बिजली लोड की वजह से ट्रांसफार्मर ओवरहीट होकर खराब हो रहे हैं। कई ट्रांसफार्मर मरम्मत के बाद दोबारा प्रयोग में लाए जाते हैं जबकि कई पूरी तरह जलकर खराब हो जाते हैं।
सौर ऊर्जा बन रही बेहतर विकल्प, तीन हजार सिस्टम बांटे
गर्मी के मौसम में बिजली उपकरण और ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण लोगों को बिजली कटौती के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में निगम उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा सिस्टम अपनाने की सलाह दे रहा है। अब तक निगम करीब तीन हजार सौर ऊर्जा उपकरण वितरित कर चुका है। बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को इसमें काफी अनुदान भी दिया गया है। ये सौर ऊर्जा सिस्टम एक किलोवाट से लेकर पांच किलोवाट तक क्षमता वाले हैं। उपभोक्ता बिजली खपत के हिसाब से इन्हें घरों और प्रतिष्ठानों पर लगवा रहे हैं।
सब स्टेशनों के ट्रांसफार्मर हांफे, कूलर से भी नहीं राहत
निगम के 33 केवी और 132 केवी बिजली पावर सब स्टेशनों के बड़े ट्रांसफार्मर भी बढ़ते तापमान के कारण प्रभावित हो रहे हैं। इन्हें नियंत्रित तापमान पर रखने के लिए कूलर लगाए गए हैं और दिन में पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है लेकिन इससे भी राहत नहीं मिल रही। पावर सब स्टेशनों के बड़े ट्रांसफार्मर ओवरहीट होने के कारण बिजली ट्रिपिंग हो रही है। इसका असर इलेवन केवी फीडरों पर पड़ रहा है जिससे निगम को बिजली कट लगाने पड़ रहे हैं।
अत्यधिक तापमान बढ़ने की वजह से रोजाना निगम के करीब 19 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। निगम के स्टोर में ट्रांसफार्मरों का पर्याप्त स्टॉक है। उपभोक्ता अपने वास्तविक बिजली लोड को नहीं दर्शाते हैं इसकी वजह से भी ट्रांसफार्मर ओवरहीट हो जाते हैं। ऐसे में निगम को भी ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है। निगम सब्सिडी पर सौर ऊर्जा सिस्टम वितरित कर रहा है। करीब तीन हजार सौर ऊर्जा उपकरण वितरित किए जा चुके हैं।

