भिवानी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, 2 मई तक मांगें न मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन

भिवानी में नगर पालिका कर्मचारी संघ की दो दिवसीय हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर में 100 टन कूड़ा न उठने से गंदगी का अंबार लग गया है। जानें क्या हैं कर्मचारियों की मांगें और क्यों दी है अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।

 
Bhiwani Municipal Council Protest

भिवानी। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर शुक्रवार को हड़ताल पर रहे जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए और बदबू के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सामान्य दिनों में शहर से करीब 100 टन कूड़ा उठाया जाता है लेकिन हड़ताल के चलते सफाई कार्य पूरी तरह ठप रहा।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर शुरू हुई दो दिवसीय टूल-डाउन हड़ताल के पहले दिन सफाई, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कामकाज बंद रहा। कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की वार्ताएं होने के बावजूद कर्मचारियों की मांगों को लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से स्थायी भर्ती नहीं की गई और ठेका प्रथा को खत्म करने के बजाय नए माध्यमों से जारी रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि 2 मई तक मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल को अनिश्चितकालीन काम छोड़ो आंदोलन में बदला जाएगा।

इन इलाकों में नहीं हुई सफाई
शहर में मुख्य रूप से बिचला बाजार, जैन चौक, सर्राफ बाजार, घंटाघर बाजार, सराय चौपटा, दिनोद गेट, हांसी गेट, पटेल नगर, कृष्णा कालोनी, रोहतक गेट सब्जी मंडी, दादरी गेट सहित शहर की सभी कालोनियों में कूड़े के ढेर में बेसहारा पशु मुंह मारते हुए दिखाई दिए। कर्मचारियों ने हड़ताल से जनता को हो रही असुविधा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों का भी समर्थन किया। इस दौरान जयहिंद, नरेश, प्रवीण, रमेश, मालती, बाला, मनीषा, अमित, भारत, रमेश कांडा, प्रीतम, राकेश और राजबीर माैजूद रहे।

नगर परिषद सफाई ने मांगों के लिए नप कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। हड़ताल के पहले दिन पूरे शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कामकाज पूरी तरह ठप रहा। यदि सरकार ने 2 मई तक उनकी ठोस कदम नहीं उठाए तो कर्मचारी संघ हड़ताल को अनिश्चितकालीन काम छोड़ो हड़ताल में बदलने का निर्णय लेगा।