भिवानी: एससी/एसटी एक्ट के लंबित मामलों के निस्तारण के सख्त निर्देश
भिवानी एसडीएम ने एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों और पीड़ितों को समय पर राहत राशि देने के निर्देश दिए। लंबित प्रकरणों के निस्तारण पर हुई समीक्षा बैठक।
भिवानी। एसडीएम महेश कुमार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में पीड़ितों को नियमानुसार समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में उनकी अध्यक्षता में जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में एसडीएम ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज मामलों, पीड़ितों को दी जाने वाली राहत राशि तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम के तहत दर्ज सभी मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिला कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध की प्रकृति के अनुसार पीड़ितों को 85 हजार रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है। यह सहायता हत्या, दुष्कर्म, गंभीर चोट, संपत्ति को नुकसान तथा अन्य अत्याचार संबंधी मामलों में नियमानुसार दी जाती है।
उन्होंने बताया कि एक फरवरी से 30 अप्रैल तक जिले में कुल आठ मामले दर्ज किए गए। इनमें से दो मामलों में बिलों पर आपत्ति होने के कारण प्रकरण लंबित हैं। पांच मामलों को स्वीकृति प्रदान कर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया गया है, जबकि एक मामले को अपात्र पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है। बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, डीईओ निर्मल दहिया, डीआईओ अमित लांबा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

