भिवानी: रेहड़ी हटाने पर विवाद, संचालकों का धरना, प्रशासन ने दिया आश्वासन

भिवानी में रेहड़ी संचालकों ने नगर परिषद के खिलाफ धरना दिया। उपायुक्त और व्यापार मंडल की मध्यस्थता के बाद रेहड़ी लगाने के लिए नई व्यवस्था बनाने का आश्वासन मिला।

 
नगर परिषद भिवानी रेहड़ी नीति

भिवानी। शहर में सड़कों से रेहड़ी हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसी को लेकर शुक्रवार को नेहरू पार्क स्थित शहीद स्मारक पर रेहड़ी संचालकों ने नगर परिषद के खिलाफ धरना दिया। वहीं रेहड़ी संचालकों की मांग को लेकर व्यापार मंडल प्रधान जेपी कौशिक और पूर्व नगर परिषद चेयरमैन विजय पंचगांवा की अध्यक्षता में उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा गया।

रेहड़ी संचालकों ने कहा कि वे घंटाघर से वैश्य कॉलेज तक फुटपाथ पर रेहड़ी लगाकर अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं लेकिन नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा उनकी रेहड़ियों को हटाकर तोड़ा जा रहा है जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि उन्हें शीघ्र रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए।

उपायुक्त ने उनकी मांगों को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेहड़ियों को एक तरफ निर्धारित व्यवस्था के तहत लगाया जाए जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो और सड़क पर जाम की स्थिति न बने। व्यापार मंडल प्रधान जेपी कौशिक ने बताया कि नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप से हुई बातचीत में आश्वासन दिया गया है कि रेहड़ी संचालक सड़क और उससे लगे फुटपाथ को छोड़कर निर्धारित स्थान पर रेहड़ी लगा सकते हैं जिससे यातायात सुचारू रहेगा।

रेहड़ी संचालकों का कहना है कि उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन लेकर अपना कार्य शुरू किया था लेकिन अब नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण के नाम पर उनकी रेहड़ियां हटाई जा रही हैं।

धरने पर पहुंचे जिला यातायात पुलिस थाना प्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि रेहड़ी हटाना पुलिस का कार्य नहीं है, यह नगर परिषद की जिम्मेदारी है। पुलिस का कार्य केवल यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर किसी भी स्थिति में रेहड़ी लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि रेहड़ी संचालकों को पुलिस से कोई शिकायत है तो वे वीडियो बनाकर साक्ष्य प्रस्तुत करें जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अशोक, राजेन्द्र, मुकेश, नीलम, उषा, नीतू, राजू, कूकू, नरेन्द्र, रामू, बीना, विकास व अन्य उपस्थित रहे।