UNGA 81st Session: यूएन में बिप्लब कुमार देब ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को लताड़ा, 'गुड' और 'बैड' टेररिज्म पर दोहरे मानकों की आलोचना

संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में त्रिपुरा के सांसद बिप्लब कुमार देब ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख रखते हुए दोहरे मानदंडों की आलोचना की और CCIT जल्द लागू करने की मांग की।

 
UNGA 81st session 2026

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की छठी समिति में भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए पश्चिम त्रिपुरा के सांसद एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का बेहद कड़ा और स्पष्ट पक्ष दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद अपने सभी स्वरूपों में मानवता, अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, आर्थिक प्रगति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए एक गंभीर खतरा है। नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने वाले कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।

🤖 'गुड' और 'बैड' टेररिज्म का भेद खत्म हो: एआई के दुरुपयोग और CCIT को शीघ्र लागू करने की जोरदार मांग

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि दुनिया में ‘गुड टेररिज्म’ और ‘बैड टेररिज्म’ जैसा कोई भेद नहीं होना चाहिए। आतंकवाद हर रूप में मानवता के विरुद्ध अपराध है। इसके साथ ही आतंकवादी संगठनों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती तकनीकों के दुरुपयोग पर गहरी चिंता जताते हुए कहा गया कि कट्टरपंथीकरण, भर्ती और वित्तपोषण के लिए इनका इस्तेमाल नई वैश्विक चुनौती बन रहा है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन (CCIT) को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने की पुरजोर मांग की है।

🛡️ आतंकवाद के खिलाफ भारत की छह प्राथमिकताएं और पाकिस्तान को करारा जवाब

बिप्लब देब ने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत की छह प्रमुख प्राथमिकताएं रखीं, जिनमें दोहरे मानदंड समाप्त करना, आतंकवादियों व प्रायोजकों की जवाबदेही तय करना, वित्तीय पोषण रोकना और पीड़ितों को केंद्र में रखना शामिल है। साथ ही, ओआईसी (OIC) और पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारत को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और आतंकवाद में संलिप्तता के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।