Stop Taking Painkillers: बिना डॉक्टर की सलाह पेनकिलर लेना खतरनाक, जानिए क्रॉनिक पेन के कारण और सही इलाज

शरीर में बार-बार होने वाले दर्द को नजरअंदाज न करें। डॉ. जितेन्द्र कौर ने बिना सलाह पेनकिलर न लेने की चेतावनी दी।
 
लगातार दर्द का सही इलाज

चंडीगढ़ : शरीर में कभी-कभार दर्द होना सामान्य है, लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे या बार-बार लौटकर आए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक रहने वाला दर्द क्रॉनिक पेन का संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में केवल दर्द को दबाने के बजाय उसकी वास्तविक वजह का पता लगाना जरूरी है.

हर दर्द का कारण अलग हो सकता है: एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र कौर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, " दर्द कई कारणों से हो सकता है. हर दर्द की वजह एक जैसी नहीं होती. नसों, मांसपेशियों, हड्डियों, जोड़ों या पुरानी चोट के कारण भी दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है. इसलिए लगातार दर्द होने पर विशेषज्ञ से जांच करवाना जरूरी है."

खुद से पेनकिलर लेने से बचें: डॉ. जितेन्द्र कौर ने कहा कि, "कई लोग दर्द शुरू होते ही बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवा लेना शुरू कर देते हैं. इससे कुछ समय के लिए राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन दर्द की मूल वजह का पता लगाने में देरी हो सकती है. लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना उचित नहीं है. जांच के बाद ही उपचार तय किया जाना चाहिए."

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज: डॉ. जितेन्द्र कौर ने आगे कहा कि, "अगर दर्द लगातार बना हुआ है, बार-बार वापस आता है या उसकी वजह से नींद और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. दर्द के साथ कमजोरी या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन महसूस होने पर भी जांच जरूरी है."

इलाज दर्द की वजह के आधार पर: एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने आगे कहा कि, "लंबे समय तक रहने वाले दर्द में मरीज की स्थिति, दर्द की अवधि और संभावित कारण को समझने के बाद उपचार तय किया जाता है. इसमें दवा के साथ फिजियोथेरेपी या अन्य उपचार की जरूरत हो सकती है. दर्द को सिर्फ दबाने के बजाय उसकी वजह समझना ही सही इलाज की पहली सीढ़ी है."