Haryana Anti Corruption Bureau: विश्वविद्यालय के नए परिसर निर्माण की होगी जांच, ऑडिट आपत्तियों के बाद गरमाई सियासत

सीबीएलयू में निर्माण कार्यों के लिए किए गए करोड़ों रुपये के एडवांस भुगतान की एसीबी से स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। सुशील वर्मा ने महानिदेशक को शिकायत भेजी है।

 
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भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (CBLU) में निर्माण एवं विकास कार्यों के नाम पर किए गए करोड़ों रुपये के एडवांस भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भिवानी बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने बुधवार को एसीबी हरियाणा पंचकूला के महानिदेशक को लिखित शिकायत भेजकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

💰 वैपकोस लिमिटेड को 182.77 करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान: ऑडिट के दौरान नहीं मिला समायोजन का रिकॉर्ड

शिकायत के मुताबिक, गांव प्रेमनगर स्थित विश्वविद्यालय के नए परिसर के निर्माण के लिए वैपकोस लिमिटेड को 7 जुलाई 2019 से 27 मार्च 2025 के बीच 31 किस्तों में कुल 182.77 करोड़ रुपये का भारी-भरकम एडवांस भुगतान किया गया है। इसके अलावा अन्य एजेंसियों को 3.46 करोड़ और विभिन्न शाखाओं, अधिकारियों व शिक्षकों को करीब 4.58 करोड़ रुपये के एडवांस दिए गए। हैरानी की बात यह है कि ऑडिट के दौरान इन एडवांस के समायोजन का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं मिला है और करीब 3.50 करोड़ रुपये के एडवांस पर मिले 12.40 लाख रुपये के ब्याज को बैंक में जमा न करने पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज की गई है।

🔍 शिकायत में उठाए गए कई गंभीर सवाल: एनएचएआई को हुए 3.04 करोड़ के भुगतान की भी हो जांच

शिकायतकर्ता ने वैपकोस और अन्य एजेंसियों को जारी भुगतानों की तारीख, टेंडर प्रक्रिया, उपयोगिता प्रमाण-पत्रों और ब्याज से जुड़े मामलों की अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पेयजल पाइपलाइन और शौचालय निर्माण के नाम पर दिए गए 3.04 करोड़ रुपये के भुगतान को भी जांच के दायरे में शामिल करने को कहा गया है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वे हर तरह की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और ऑडिट आपत्तियों का जवाब पहले ही दाखिल किया जा चुका है।