Chandigarh Administration Update: सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत रिपोर्ट जारी, अब घर बैठे मिलेंगी कई नई डिजिटल सुविधाएं

चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सेवा का अधिकार अधिनियम की रिपोर्ट जारी की है। उन्होंने सभी 124 ऑफलाइन सेवाओं को जल्द ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं।

 
Gulab Chand Kataria

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा नागरिकों को घर बैठे सरकारी सुविधाओं का लाभ देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रशासन के 35 विभागों की कुल 556 सेवाएं अधिसूचित हैं, जिनमें से 432 सेवाएं पहले ही ऑनलाइन की जा चुकी हैं, लेकिन अभी भी 124 सेवाएं ऑफलाइन माध्यम से चल रही हैं। नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाने के लिए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इन सभी शेष सेवाओं को जल्द से जल्द ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

📊 वार्षिक रिपोर्ट में सामने आया आंकड़ा, लगभग 78 प्रतिशत सेवाएं हो चुकी हैं डिजिटल

चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को 'चंडीगढ़ सेवा का अधिकार आयोग' की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस दौरान आयोग के मुख्य आयुक्त डॉ. महावीर सिंह ने कामकाज की विस्तृत जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, कुल अधिसूचित सेवाओं का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है, जबकि करीब 22 प्रतिशत सेवाओं के लिए लोगों को आज भी संबंधित विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रशासक ने स्पष्ट किया कि इन सभी ऑफलाइन सेवाओं को डिजिटल करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं ताकि प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन सके।

🎯 तीन प्रमुख लक्ष्य: सेवाएं ऑनलाइन करना, दायरा बढ़ाना और नागरिकों को जागरूक करना

प्रशासन अब तीन प्रमुख लक्ष्यों पर एक साथ काम कर रहा है—पहला, सभी 124 ऑफलाइन सेवाओं को ऑनलाइन करना; दूसरा, अधिक से अधिक नई सरकारी सेवाओं को इस अधिनियम के दायरे में शामिल करना; और तीसरा, नागरिकों को इन डिजिटल सुविधाओं के प्रति जागरूक करना। कई बार ऑनलाइन सुविधाएं होने के बावजूद लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती, इसलिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को पूरी तरह नागरिक-अनुकूल और सरल बनाना है।