चंडीगढ़: तीज महोत्सव में हरियाणवी रंग में रंगीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष
बीजेपी हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने इसराना के तीज महोत्सव में गुलगुले बनाए, दही बिलोई और महिलाओं के साथ झूला झूलकर हरियाणवी संस्कृति का संदेश दिया।
चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता इन दिनों ग्रामीण महिलाओं से आत्मीय संवाद और विश्वास का रिश्ता मजबूत करने के लिए अलग अंदाज में सक्रिय हैं। उनकी यह पहल केवल मंचीय भाषणों, रैलियों या नुक्कड़ सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे महिलाओं के चूल्हे-चौके और लोक परंपराओं से जुड़कर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज में आयोजित भव्य तीज महोत्सव में डॉ. अर्चना गुप्ता ने हरियाणवी संस्कृति के पारंपरिक रंग में पूरी तरह भागीदारी निभाई। उन्होंने पीढ़े पर बैठकर अपने हाथों से गुलगुले बनाए, दही बिलोकर मक्खन निकाला और महिलाओं के साथ झूला झूलते हुए तीज की खुशियां साझा कीं।
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तीज हमारी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने वाला पर्व'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति, आस्था, प्रकृति और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हरियाली तीज का प्रकृति और हरियाली से गहरा संबंध है तथा यह लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है। तीज की वास्तविक खुशबू तब महसूस होती है जब घर-आंगन में गुलगुले और सुहाली की महक फैलती है, महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हैं और पूरा परिवार एक साथ इस उत्सव को मनाता है।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की जरूरत
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण कई पारंपरिक रीति-रिवाज धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में तीज महोत्सव जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व महिलाओं के बीच सामाजिक समरसता, पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करता है।उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवारों में पारंपरिक पर्वों और संस्कारों को जीवित रखें, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत और जड़ों से जुड़ी रहें।

'भारतीय संस्कृति विश्व के लिए प्रेरणा'
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है। हमारी लोक परंपराएं और त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास, धरोहरों के संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की संस्कृति, योग, आयुर्वेद, आध्यात्मिक परंपरा और पारिवारिक मूल्यों का सम्मान कर रही है। विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का लिया आनंद
तीज महोत्सव के दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता ने महिलाओं के साथ लोकगीतों का आनंद लिया, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की और सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं तथा हरियाणा की समृद्ध लोक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।

