चंडीगढ़: 46 साल बाद खुली ऐतिहासिक 'वीआईपी रोड', पीएम मोदी का गुजरेगा काफिला

1980 से बंद चंडीगढ़ की वीआईपी रोड (राजेंद्र पार्क रोड) पीएम मोदी के दौरे के लिए फिर खुली। जानें सुरक्षा कारणों और ट्रैफिक जाम से राहत की पूरी जानकारी।

 
चंडीगढ़ प्रशासन सुरक्षा

चंडीगढ़ में साल 1980 से सुरक्षा कारणों के चलते बंद पड़ी चंडीगढ़ की ऐतिहासिक 'वीआईपी रोड' (राजेंद्र पार्क रोड) को आज एक बार फिर खोला जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले को सुरक्षित और जाम-मुक्त रास्ता देने के लिए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। यह सड़क चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स और पंजाब-हरियाणा सचिवालय के बेहद करीब स्थित है।

1980 में क्यों हुई बंद? 
पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान सुरक्षा खतरों को देखते हुए इस बेहद संवेदनशील मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया था। इस वीआईपी रोड को आम जनता के लिए खोलने को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। इस सड़क को दोबारा खोलने को लेकर प्रशासन ने जब कोशिशें शुरू कीं, तो सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पंजाब सरकार देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पहुंच गई। पंजाब सरकार का तर्क है कि इस मार्ग पर अति-विशिष्ट अधिकारियों और मंत्रियों की आवाजाही होती है, इसलिए इसे आम ट्रैफिक के लिए खोलना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस मार्ग पर आम जनता और सामान्य वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस सड़क का इस्तेमाल केवल बेहद खास प्रोटोकॉल और वीआईपी मूवमेंट के लिए ही किया जा सकेगा।आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला इसी बेहद सुरक्षित और नवनिर्मित वीआईपी रोड से होकर गुजरेगा।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। पूरे रूट को सील कर दिया गया है।

जाम से मिलेगी राहत
 पीएम मोदी के इस नए वीआईपी रूट के इस्तेमाल से चंडीगढ़ की मुख्य सड़कों (जैसे मध्य मार्ग) पर आम जनता को वीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।