Chandigarh Municipal Corporation Election: आप ने बीजेपी पर बोला हमला, जरनैल सिंह बोले—35 में से 30 सीटें जीतेगी पार्टी

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर साधा निशाना। अनिल मसीह के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान।
 
Anil Masih Supreme Court

चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया है. दरअसल, बुधवार को AAP के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने भाजपा का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए निगम के कामकाज और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए.

अनिल मसीह पर सवाल: जरनैल सिंह ने 2024 के मेयर चुनाव में विवादों में रहे नामित पार्षद अनिल मसीह का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि, "जिस व्यक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई, वह आज भी नगर निगम सदन में क्यों बैठा है? सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2024 में मेयर चुनाव का घोषित परिणाम रद्द कर कुलदीप कुमार को निर्वाचित घोषित किया था. कोर्ट ने अनिल मसीह के आचरण को लेकर भी आगे की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था."

सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी: AAP प्रभारी ने कहा कि, "पार्टी अनिल मसीह के खिलाफ अलग से सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी. हम इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और चंडीगढ़ के DGP को भी शिकायत देंगे. मसीह के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जबकि दूसरे मामलों में निर्वाचित पार्षदों पर कार्रवाई की जाती है."

सदन में विवाद का भी जिक्र: जरनैल सिंह ने मंगलवार को नगर निगम की बैठक में हुए विवाद को भी मुद्दा बनाया. बैठक के दौरान AAP पार्षद योगेश ढींगरा को भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत की ओर से लाए गए निंदा प्रस्ताव के बाद बाकी कार्यवाही से निलंबित किया गया था. ढींगरा ने निगम के कामकाज में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताया.

30 सीटें जीतने का दावा: नगर निगम चुनाव को लेकर जरनैल सिंह ने कहा कि, "AAP चुनाव नहीं छोड़ रही है. AAP 35 में से 30 सीटें जीतेगी और बहुमत के साथ नगर निगम में आएगी. पार्टी के चुनाव नहीं लड़ने से जुड़े दावे गलत है. ये गलत प्रचार किया जा रहा."

Gen-Z मेयर का दावा: जरनैल सिंह ने कहा कि, "AAP का उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि शहर की राजनीति में नई पीढ़ी को आगे लाना है. पार्टी की जीत के बाद अगला मेयर “Gen-Z से होगा." हालांकि 30 सीटों का आंकड़ा फिलहाल AAP का चुनावी दावा है और इसका वास्तविक परिणाम मतदान व मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा.

35 वार्डों में मुकाबला:चंडीगढ़ में 35 वार्डों वाले नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. वार्डों के आरक्षण के बाद पार्टियों में संभावित उम्मीदवारों के चयन और टिकट को लेकर तैयारियां चल रही हैं. 16 वार्ड आरक्षित और 19 सामान्य किए गए हैं, जिससे कई दावेदारों के चुनावी समीकरण बदले हैं.

BJP-AAP में बढ़ी सियासी टक्कर: चुनाव से पहले AAP ने अनिल मसीह, निगम के कामकाज और विकास के मुद्दों को केंद्र में रखकर भाजपा को घेरने की रणनीति अपनाई है. दूसरी ओर, भाजपा की ओर से AAP के आरोपों को लेकर अलग पक्ष रखा गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में निगम चुनाव का राजनीतिक मुकाबला और तेज होने के आसार हैं.