चंडीगढ़: स्ट्रीट वेंडिंग साइटों के ड्रॉ पर बवाल, वेंडरों ने किया विरोध
चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा स्ट्रीट वेंडिंग साइटों का ड्रॉ आयोजित, वेंडरों ने सुविधाओं के अभाव का हवाला देकर किया विरोध। जानें नगर निगम और वेंडरों का पक्ष।
चंडीगढ़: शहर के स्ट्रीट वेंडरों के लिए नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-17 में नई वेंडिंग साइटों का ड्रॉ निकाला गया. ये प्रक्रिया टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की निगरानी में ज्वाइंट कमिश्नर हिमांशु गुप्ता की मौजूदगी में पूरी की गई. ड्रॉ के जरिए उन पात्र स्ट्रीट वेंडरों को नई साइटें आवंटित की गईं, जिनके पास पहले कोई निर्धारित स्थान नहीं था. हालांकि ड्रॉ के दौरान कई वेंडरों ने इसका विरोध करते हुए नारेबाजी की और पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार किया.
चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडरों का प्रदर्शन: प्रदर्शन कर रहे वेंडरों का कहना था कि उन्हें जिन स्थानों पर भेजा जा रहा है, वहां ना पीने के पानी की व्यवस्था है, ना सार्वजनिक शौचालय और ना ही आसपास कोई बाजार है. उनका आरोप था कि ऐसी जगहों पर दुकान लगाने से ग्राहकों का आना मुश्किल होगा और उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा. वेंडरों ने कहा कि वो नियमित रूप से नगर निगम को निर्धारित शुल्क जमा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ऐसे स्थान दिए जा रहे हैं, जहां कारोबार चलाना संभव नहीं है. उनका कहना था कि यदि सुविधाजनक स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा सकते, तो उनसे ली गई फीस वापस की जाए. विरोध के दौरान वेंडरों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की.
नगर निगम की सफाई: दूसरी ओर, नगर निगम का कहना है कि ये पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अपनाई गई है. अधिकारियों के मुताबिक, जिन पात्र वेंडरों की पहले से आवंटित साइटें खाली थीं, उन्हें वही स्थान दोबारा दिए जा रहे हैं, जबकि अन्य पात्र वेंडरों को पारदर्शी ड्रॉ के माध्यम से नई साइटें आवंटित की गई हैं. इससे पहले शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त एवं टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष अमित कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्ट्रीट वेंडिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में नगर निगम अधिकारियों, विभिन्न विभागों, व्यापारिक संगठनों और वेंडर प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के आदेश: बैठक में सभी वेंडिंग जोन और मॉडल वेंडिंग जोन का संयुक्त सर्वे कराने का निर्णय लिया गया. इस सर्वे में नगर निगम, आर्किटेक्चर विभाग, मार्केट एसोसिएशन, टीवीसी और स्ट्रीट वेंडर प्रतिनिधि शामिल होंगे. सर्वे के दौरान प्रत्येक वेंडिंग साइट की उपयोगिता, उपलब्ध जगह, यातायात व्यवस्था और अन्य जरूरी पहलुओं का आकलन किया जाएगा, ताकि भविष्य में बेहतर योजना के साथ साइटों का विकास और आवंटन किया जा सके. नगर निगम ने यह भी कहा कि सभी वेंडिंग जोन में स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, साइटों की स्पष्ट मार्किंग और सीसीटीवी कैमरे जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को तय समय के भीतर ये सुविधाएं विकसित करने को कहा गया है. यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
वेंडरों ने दी आंदोलन की चेतावनी: ज्वाइंट कमिश्नर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि "जिन पात्र स्ट्रीट वेंडरों के पास पहले कोई साइट नहीं थी, उन्हें ड्रॉ के माध्यम से स्थान आवंटित किए गए हैं. नगर निगम का प्रयास है कि सभी वेंडिंग जोन में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वेंडर बिना किसी परेशानी के अपना व्यवसाय चला सकें." वहीं प्रदर्शन कर रहे वेंडरों का कहना है कि जब तक जमीन पर सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक वे इस आवंटन को स्वीकार नहीं करेंगे.

