Sukhna Wetland Ramsar Site: वैश्विक मानचित्र पर चमकी चंडीगढ़ की प्राकृतिक धरोहर, प्रवासी पक्षियों के लिए अहम ठिकाना

चंडीगढ़ के सुखना वेटलैंड को अंतरराष्ट्रीय रामसर स्थल का दर्जा मिल गया है। इस उपलब्धि से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

 
Gulab Chand Kataria Chandigarh

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के प्रसिद्ध सुखना वेटलैंड (Sukhna Wetland) को अंतरराष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थल (Ramsar Site) का आधिकारिक दर्जा मिलने से शहर की प्राकृतिक धरोहर को एक नई वैश्विक पहचान मिल गई है। इस गौरवशाली उपलब्धि पर चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने शहरवासियों, पर्यावरणविदों और संरक्षण कार्यों से जुड़े तमाम लोगों को इस बड़ी सफलता पर हार्दिक बधाई दी है। प्रशासक ने कहा कि यह दर्जा मिलने से वेटलैंड के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन को और अधिक गति मिलेगी।

🦆 प्रवासी पक्षियों और दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित ठिकाना, इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

सुखना वेटलैंड स्थानीय जलीय जीवों के साथ-साथ मध्य एशियाई उड़ान मार्ग से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। यहाँ खुले पानी, तटीय वनस्पतियों और जंगलों का अनूठा मिश्रण पक्षियों को भोजन, प्रजनन और सर्दियों में ठहरने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। इस आर्द्रभूमि में संकटग्रस्त कॉमन पोचार्ड, लुप्तप्राय पल्लास फिश ईगल और ब्लैक पॉन्ड टर्टल जैसी दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती हैं। प्रशासन का मानना है कि रामसर स्थल बनने से वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग, तकनीकी सहायता और प्रकृति आधारित पर्यटन (इको-टूरिज्म) की संभावनाओं को भी नए पंख लगेंगे।