Charkhi Dadri PNDT Raid: 1.60 लाख रुपये में होता था भ्रूण लिंग परीक्षण का सौदा, सोनीपत-दादरी स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई

चरखी दादरी के प्रधान अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और पीएनडीटी टीम की संयुक्त रेड। भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए महिला डॉक्टर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

 
दादरी क्राइम न्यूज

चरखी दादरी: प्रधान अस्पताल में सोनीपत पीएनडीटी और दादरी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की. छापेमारी में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. टीम ने कार्रवाई के दौरान चार लोगों को पकड़ा है. इनमें महिला डॉक्टर विभूति वत्स, एक्स-रे टेक्निशियन रविंद्र, रिसेप्शनिस्ट प्रियादीप व अटल शामिल हैं. डॉक्टर विभूति वत्स व रविंद्र प्रधान अस्पताल में जबकि प्रियादीप सुविधा अस्पताल में कार्यरत हैं. वहीं, चौथा आरोपी अटल डॉक्टर विभूति वत्स का परिचित है. स्वास्थ्य विभाग ने उनके खिलाफ सिटी पुलिस थाने में शिकायत दे दी है.

भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़: स्वास्थ्य विभाग के पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉक्टर हितेश ने बताया कि "विभाग को क्षेत्र में अवैध रूप से भ्रूण के लिंग की जांच किए जाने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर सोनीपत पीएनडीटी टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई गई. इसके तहत एक डिकॉय मरीज को तैयार कर आरोपियों से संपर्क कराया गया. बताया गया कि भ्रूण लिंग जांच के लिए 1.60 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था."

सोनीपत पीएनडीटी और दादरी स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई: नोडल अधिकारी ने बताया कि "40 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से पहले ही भुगतान किए जाने की बात सामने आई है. शेष राशि मौके पर अथवा बाद में देने की बात तय हुई थी. कार्रवाई के दौरान टीम ने कथित लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन, रिकॉर्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए."

जांच में जुटी पुलिस: नोडल अधिकारी ने बताया कि मामले में महिला डॉक्टर विभूति के अलावा उनके सहायक रविंद्र, अटल और प्रियादीप की भूमिका सामने आई है. पूरी कार्रवाई में सदर थाना प्रभारी सतवीर सिंह और स्थानीय पुलिस टीम का सहयोग रहा. स्वास्थ्य विभाग की ओर से दादरी सिटी पुलिस थाने में शिकायत दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के साथ पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.