High Court Update: साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम की अर्जी पर नई बेंच करेगी सुनवाई, हाईकोर्ट जज ने खुद को किया अलग
हरियाण : हाईकोर्ट की जस्टिस सुखविंद्र कौर ने साध्वी यौन शोषण मामले में सजा के खिलाफ डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह की अपील पर सुनवाई से अपने को अलग करते हुए मामला कार्यवाहक नीफ जस्टिस भेज दिया है। उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले को ऐसी किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए जिसके सदस्य के रूप में वह सम्मिलित नहीं।
साध्वी यौन शोषण मामले में राजा के खिलाफ दाखिल मामला जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज व जस्टिस सुखविंद्र कौर बेच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट के आदेश पर डेरा प्रमुख का कस्टडी सटीफिकेट भी कोर्ट में पेश किया था जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ते लिया। कार्यवाहक चीफ जस्टिस तथ करेंगे कि इस मामले की सुनवाई कौन सा बैंच करेगा।
इससे पहले कि चहस में डेरा प्रमुख के वकील ने अदालत समक्ष दलील दी कि कवित घटनाएं 1999 की बताई गई लेकिन पहली बार दुष्कर्म का नारोष 2006 में सामने आय जबकि 2007 से 2005 तक दिए गए कई बयानों में ऐसा कोई आरोप नहीं था।
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र खुराना ने अदालत को यह भी बताया कि कथित घटनास्थल को लेकर भी भारी अस्पष्टता है। जार्ज में केवल 'डेरा सच्चा सौदा क्षेत्र स्थित गुफा' तिखा गया जबकि गवाही में 2 अलग-अलग पुराने और नए डेरों का उल्लेख आया जो 7-8 किलोमीटर दूर बताए गए। दोनों जगह 'गुफा' होने की बात सामने आई। बचाव पक्ष ने जांच अधिकारी इंस्पैक्टर सतीश डागर की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। कहा गया कि उनके खिलाफ पहले में शिकायतें थों और उन्होंने 2005 में ही ही ऐसे सवाल तैयार करवा लिए थे जिनका संबंध कथित प्रेग पत्र और यौन आरोपों से था जबकि उस समय तक पीड़िता ने दुष्कर्म का आरोप लगाया ही नहीं था।
ट्रायल कोर्ट ने अपने निर्णय में' असाधारण परिस्थितियों में असाधारण उपाय जैसे शब्द इस्तेमाल कान्त की स्थापित कसौटियों से हटकर फैसला दिया। ज्ञात रहे कि डेरे की 2 साध्वियों के यौन शोषण मामले में पंचकूला की सी. बी. आई. कोर्ट ने अगस्त 2017 में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देते हुए उसे 10 10 साल की सजा सुनाई थी और साथ ही डेरा मुखी पर 30 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा दिया था। पहले मामले में 10 वर्ष की मजा पूरी होने के बाद दूसरे गागले में 10 वर्ष की सजा शुरू होनी होनी है। सजा को डेरा मुखी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अपील दायर की थी।

