ढिगावा जाटान: ₹10 करोड़ की योजना फिर भी दूषित पानी! ग्रामीणों ने सांसद को घेरा
ढिगावा जाटान में दूषित पेयजल आपूर्ति से ग्रामीण आक्रोशित। सांसद धर्मबीर सिंह को सौंपा ज्ञापन, ₹10 करोड़ की योजना पर उठाए सवाल। दो दिन में समाधान की चेतावनी।
ढिगावा। दूषित पेयजल आपूर्ति से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को ढिगावा जाटान बूस्टिंग स्टेशन पर ठेकेदार और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया तथा समस्या के समाधान के लिए सांसद को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 10 करोड़ रुपये की पेयजल योजना के तहत बनी पानी की डिग्गी के बावजूद नलकूपों में पीने योग्य पानी नहीं आ रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले गांव में बोरवेल से साफ व स्वच्छ पानी की सप्लाई होती थी लेकिन डिग्गी बनने के बाद बोरवेल लाइनों में ही डिग्गी के पानी की लाइनों का जोड़ कर दिया गया। इसके बाद से सप्लाई होने वाला पानी न तो पीने योग्य है और न ही घरेलू उपयोग के लायक रह गया है। रविवार को ढिगावा जाटान पहुंचे सांसद धर्मबीर सिंह को ग्रामीणों ने लिखित शिकायत सौंपकर पानी की सप्लाई को पुराने तरीके से बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में आ रहा पानी दूषित है जिससे गांव में बीमारियां बढ़ रही हैं और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है और यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पशुओं को यह पानी पिलाने से वे भी बीमार पड़ रहे हैं। इस संबंध में सरपंच धर्मवीर नेहरा ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाए जा चुके हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि गांव में पेयजल संकट बेहद गंभीर है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

