फरीदाबाद HCS एग्जाम: दोस्त को अफसर बनाने पहुंचा 'मुन्नाभाई' गिरफ्तार

फरीदाबाद में HCS परीक्षा में दूसरे की जगह पेपर देते UPSC अभ्यर्थी गिरफ्तार। बायोमेट्रिक जांच में फिंगरप्रिंट मिसमैच होने पर खुला राज। दोस्त के लिए बना था सॉल्वर।

 
फर्जी एडमिट कार्ड केस

फरीदाबाद : फरीदाबाद में दूसरे की जगह पर हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) एग्जाम देते पकड़े गए युवक ने पूछताछ में खुलासे किए हैं। युवक ने बताया कि वह अपने दोस्त की जगह एग्जाम देने के लिए आया था।

वह उसे HCS अधिकारी बनते हुए देखना चाहता है, इसलिए उसने फर्जी एडमिट कार्ड से एग्जाम सेंटर में एंट्री ली। युवक ने यह भी बताया कि वह UPSC एग्जाम दे चुका है, लेकिन अभी उसका रिजल्ट नहीं आया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदेश में 102 पदों के लिए HCS प्री-एग्जाम के लिए 8 जिलों में 337 सेंटर बनाए गए थे। इन सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम और जैमर लगाए गए। बायोमेट्रिक के दौरान ही युवक फंस गया।

दोनों रोहतक के रहने वाले, साथ में कोचिंग ली

पकड़े गए युवक की पहचान रोहतक के करौंथा गांव निवासी मानव (25) के रूप में हुई है। वह अपने दोस्त, रोहतक के ही मदीना गांव निवासी विशाल कुमार (26) की जगह एग्जाम देने पहुंचा था। दोनों लंबे समय से दोस्त हैं और रोहतक की एक लाइब्रेरी में साथ पढ़ते थे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में भी साथ कोचिंग ली।

विशाल के भाई ने मानव को जाने नहीं दिया

बताया जा रहा है कि विशाल का बड़ा भाई भी इसी सेंटर में परीक्षा देने आया हुआ था। मानव परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाहर से वापस लौटना चाहता था, लेकिन विशाल के भाई ने उसे वापस जाने नहीं दिया और वह फंस गया। मानव के पिता आनंद किसान हैं, जबकि विशाल के पिता बिजेंद्र हरियाणा रोडवेज से रिटायर्ड हैं। दोनों कार से परीक्षा देने के लिए फरीदाबाद पहुंचे थे।

फर्जी एडमिट कार्ड से एंट्री ली

पुलिस जांच में सामने आया कि मानव ने विशाल के नाम पर बनाए गए फर्जी एडमिट कार्ड के जरिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश लिया। केंद्र पर आधार कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान जब उसके फिंगरप्रिंट मैच किए गए, तो वे मेल नहीं खाए। वहां मौजूद टीम ने कई बार प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो सके।

पुलिस ने वेरिफिकेशन शुरू की

सेंटर सुपरिंटेंडेंट डॉ. कमरुदी ने बताया कि उन्होंने मानव को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी और साथ ही पुलिस को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद मानव परीक्षा देने चला गया और पुलिस ने उसकी पूरी वेरिफिकेशन शुरू की।

फर्जी मिलने पर एग्जाम सेंटर से निकाला

पुलिस अधिकारियों ने जांच-पड़ताल में उसे फर्जी पाया। इसके बाद बिना देरी किए उसे रूम से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस पूछताछ में मानव ने पूरी सच्चाई कबूल करते हुए बताया कि वह अपने दोस्त की जगह पेपर देने के लिए यहां आया था।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया

सेक्टर-8 थाना प्रभारी रणधीर ने बताया कि मानव और विशाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जिनको सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।