Haryana DJ Association: महापंचायतों के फैसलों के खिलाफ उतरे डीजे संचालक, कहा—लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट
फरीदाबाद के पिंगांव में महापंचायत के दौरान डीजे संचालकों ने शादियों में डीजे बैन का किया विरोध। रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई।
फरीदाबाद। शादी-विवाह में फिजूलखर्ची और सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए लगातार हो रही महापंचायतों के दौर के बीच अब डीजे संचालक भी खुलकर विरोध में उतर आए हैं। डीजे संचालकों का कहना है कि शादियों में डीजे बजाने पर पाबंदी लगाने के फैसलों से उनके सामने गंभीर आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मुख्य मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में डीजे संचालक फरीदाबाद के पिंगांव में आयोजित महापंचायत में पहुंचे और समाज के बीच अपना पक्ष मजबूती से रखा। संचालकों का तर्क है कि समाज में अन्य कई कुरीतियां भी मौजूद हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन केवल डीजे कारोबार को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है।
💼 हजारों परिवारों की आजीविका दांव पर: डीजे संचालकों ने की मांग—नियम सभी पर हो समान लागू, रोजगार का रखा जाए ध्यान
महापंचायत के दौरान डीजे संचालकों ने स्पष्ट किया कि एक डीजे के काम से करीब पांच से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं और उनके पूरे परिवार का गुजर-बसर इसी कार्य पर निर्भर करता है। डीजे बंद होने से इन परिवारों के सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। संचालकों ने मांग की कि यदि साउंड सिस्टम पर कोई भी रोक लगाई जाती है, तो वह नियम हर प्रकार के साउंड सिस्टम पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं और सामाजिक सुधार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन फैसले लेते समय उनके रोजगार और चूल्हे-चौके का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अब इस विरोध के बाद देखना होगा कि आगामी महापंचायतों में इस पर क्या नया रुख सामने आता है।