Faridabad Real Estate Boom: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से फरीदाबाद में जमीन के दाम दोगुने, प्रॉपर्टी बाजार में जोरदार तेजी
फरीदाबाद: दिल्ली-मुंबई-बड़ौदा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने प्रॉपर्टी बाजार को एक नई रफ्तार दे दी है. खासकर दिल्ली से सटे फरीदाबाद के इलाकों में जमीन के रेट में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. जिन कॉलोनियों में कुछ समय पहले तक 20 से 30 हजार रुपये प्रति गज जमीन मिल जाती थी, वहां अब यही जमीन 50 से 70 हजार रुपये प्रति गज तक पहुंच गई है. वहीं कई पॉश सेक्टरों में जमीन के दाम दो से ढाई लाख रुपये प्रति गज तक पहुंच चुके हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में फरीदाबाद में कई बड़े प्रोजेक्ट आने वाले हैं, ऐसे में प्रॉपर्टी के दाम में और तेजी देखने को मिल सकती है.
फरीदाबाद में बढ़े प्रॉपर्टी के दाम: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में प्रॉपर्टी खरीदना अब आम आदमी के लिए आसान नहीं रहा. कभी दिल्ली-एनसीआर में अपेक्षाकृत किफायती माने जाने वाले फरीदाबाद में अब जमीन के रेट लगातार बढ़ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह बेहतर होती कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर है. दिल्ली-मुंबई-बड़ौदा एक्सप्रेसवे के फरीदाबाद से गुजरने और दिल्ली वाले हिस्से के चालू होने के बाद इसका सीधा असर आसपास के प्रॉपर्टी बाजार पर दिखाई दे रहा है. पहले दिल्ली जाने के लिए लोगों को मुख्य रूप से दिल्ली-मथुरा रोड का इस्तेमाल करना पड़ता था, लेकिन अब एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने दिल्ली और फरीदाबाद के बीच आवागमन को और आसान कर दिया है.
दिल्ली से सटे इलाकों में दोगुनी हुई कीमत: रियल एस्टेट कारोबारी सोनू सिसोदिया के मुताबिक "फरीदाबाद में जमीन के दाम पहले से ही ज्यादा थे, लेकिन एक्सप्रेसवे और दूसरी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के बाद इनमें तेजी आई है. दिल्ली से सटे इलाकों में जहां पहले करीब 50 से 55 हजार रुपये प्रति गज जमीन मिल रही थी, वहां अब रेट एक लाख रुपये प्रति गज से ऊपर पहुंच चुके हैं."
जिन इलाकों में पहले जमीन करीब एक से डेढ़ लाख रुपये प्रति गज थी, वहां अब यही कीमत दो से ढाई लाख रुपये प्रति गज तक पहुंच गई है. सिर्फ सेक्टर ही नहीं, बल्कि दिल्ली से सटी कई कॉलोनियों में भी जमीन के दाम तेजी से बढ़े हैं. जिन कॉलोनियों में कुछ समय पहले तक 20 से 30 हजार रुपये प्रति गज जमीन मिल रही थी, वहां अब 50 से 70 हजार रुपये प्रति गज तक कीमत पहुंच चुकी है.
तेजी से हो रहा फरीदाबाद का विकास, इसी का असर: प्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा का कहना है कि "दिल्ली-एनसीआर में जमीन की कीमत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में मिडिल क्लास के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदना मुश्किल होता जा रहा है. करीब 20 साल पहले फरीदाबाद में जमीन के दाम काफी कम थे, लेकिन समय के साथ यहां एक्सप्रेसवे, मंझावली पुल, मेट्रो और दिल्ली-नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं ने प्रॉपर्टी मार्केट को पूरी तरह बदल दिया है."
किसी भी इलाके में जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होता है, वहां जमीन की डिमांड बढ़ने लगती है. बेहतर सड़क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से लोगों के लिए दूसरे शहरों तक पहुंच आसान होती है. इसके साथ ही रोजगार, व्यापार और आवासीय गतिविधियां भी बढ़ती हैं. यही वजह है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के आसपास की जमीन के दाम तेजी से बढ़ने लगते हैं. फरीदाबाद में भी यही ट्रेंड दिखाई दे रहा है. एक्सप्रेसवे के साथ मेट्रो, रेलवे और दूसरे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स ने शहर के कई इलाकों की लोकेशन वैल्यू बढ़ा दी है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो फरीदाबाद का प्रॉपर्टी बाजार अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है. आने वाले समय में प्रस्तावित और चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे होते हैं तो कई नए इलाकों में जमीन की मांग बढ़ सकती है. यानी कभी दिल्ली-एनसीआर में किफायती विकल्प माना जाने वाला फरीदाबाद अब तेजी से महंगे प्रॉपर्टी मार्केट में बदल रहा है. सवाल यही है कि बढ़ती कनेक्टिविटी के साथ बढ़ते जमीन के दाम आम आदमी की पहुंच में रहेंगे या फरीदाबाद भी दिल्ली की तरह महंगी प्रॉपर्टी का शहर बन जाएगा.