Gohana News: गोहाना में कमर्शियल गैस की किल्लत से कड़वी हुई 'जलेबी-मिठाई'; लागत बढ़ने से 20 रुपये तक बढ़े दाम, डीजल भट्ठियों का सहारा
गोहाना में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से हलवाई और मिठाई दुकानदार परेशान हैं। गैस न मिलने के कारण समोसे-जलेबी के लाइव काउंटर बंद होने की कगार पर हैं। उत्पादन लागत बढ़ने से मिठाइयों के दाम प्रति किलो 20 रुपये तक बढ़ गए हैं।
गोहाना : गोहाना में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने का असर अब हलवाई और मिठाई कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गोहाना शहर के सभी छोटे-बड़े मिठाई दुकानदार गैस की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे तलाई वाले आइटम जैसे समोसा, जलेबी, लड्डू और पकोड़े बनाना मुश्किल होता जा रहा है।
कई दुकानदारों को मजबूरी में डीजल, कोयला, लकड़ी और इलेक्ट्रिक भट्ठियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन की लागत बढ़ गई है। इसका असर बाजार में भी दिखने लगा है गोहाना में मिठाइयों के दाम प्रति किलो करीब 20 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई दुकानों के लाइव काउंटर बंद करने पड़ सकते हैं, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ेगा।
दुकानदारों ने बताया कि चार से पांच दिनों से उनको कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे है जिस के चलते उनकी दुकानदारी पर असर पड़ रहा है दुकानदारों का कहना है कि समोसा, जलेबी, लड्डू, बालूशाही और ब्रेड पकोड़ा जैसे तलाई वाले आइटम कमर्शियल गैस पर ही अच्छी तरह तैयार किए जा सकते हैं। फिलहाल कई दुकानों के पास केवल एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा हुआ है।
अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो इन आइटम के लाइव काउंटर बंद करने पड़ सकते हैं। दुकानदारों को काम जारी रखने के लिए डीजल की भट्टी और इलेक्ट्रिक प्लेट बर्नर का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि इन विकल्पों से काम करना काफी महंगा पड़ रहा है और उत्पादन लागत बढ़ रही है।
गोहाना के प्रसिद्ध मातूराम हलवाई के संचालक नीरज गुप्ता ने बताया कि वहां गैस एजेंसियों की ओर से फिलहाल 5 किलो के छोटे कमर्शियल सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं। पहले दुकानों को रोजाना 19 किलो के दो सिलेंडर मिलते थे, लेकिन अब मुश्किल से पांच-पांच किलो के कुछ सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं।
नीरज गुप्ता के अनुसार काम चलाने के लिए डीजल, लकड़ी, कोयला और इलेक्ट्रिक भट्ठियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत काफी बढ़ गई है। लकड़ी के गुटके भी अब 13-14 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहे हैं, जबकि दो साल पहले उनकी कीमत केवल 6-7 रुपये प्रति किलो थी। बढ़ती लागत के कारण गोहाना में मिठाइयों के दाम करीब 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाने पड़े हैं।

