गुहला-चीका: ULB नक्शे ने खोली पोल, लाल घेरे में शहर का बड़ा हिस्सा; निवेश में जोखिम

चीका में प्रॉपर्टी खरीदने से पहले सावधान! ULB की वेबसाइट पर जारी नक्शे में लाल रंग का क्षेत्र अवैध। डीटीपी ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के दिए संकेत। पूरी रिपोर्ट।

 
कैथल रोड चीका अवैध प्लॉटिंग

गुहला-चीका : चीका शहर में प्रॉपर्टी में निवेश करने वालों के लिए एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। शहरी स्थानीय निकाय (यू.एल.बी) की वेबसाइट पर उपलब्ध शहर के नक्शे के अनुसार केवल ग्रीन कलर से दिखाया गया हिस्सा ही वैध शहरी क्षेत्र में आता है, जबकि इसके आसपास का बड़ा हिस्सा लाल रंग में दिखाया गया है, जो शहरी सीमा का अंदरूनी हिस्सा है लेकिन अप्रूव्ड क्षेत्र से बाहर है। 

इस नक्शे के सामने आने के बाद शहर में धड़ल्ले से पनप रही अवैध कॉलोनियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शहर के आसपास कई स्थानों पर बिना अनुमति प्लॉटिंग कर लगातार कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और लोगों को ऊंचे दामों पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। इस मामले में प्राप्त की गई जानकारी पर जानकारों का कहना है कि नक्शे में दिख रहे ग्रीन क्षेत्र के बाहर विकसित की गई कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की तो इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं और कानूनी मान्यता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। 

शहर में कई जगहों पर प्रॉपर्टी डीलर लोगों को तेजी से बढ़ते रेट और भविष्य में मुनाफे का लालच देकर प्लॉट बेच रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि संबंधित कॉलोनी की वैधता और सरकारी मंजूरी की जानकारी लिए बिना निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। नक्शे के सामने आने के बाद शहर में प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों में भी हलचल मच गई है। कई लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में सख्ती दिखाई तो अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों में अफरा-तफरी की स्थिति भी बन सकती है। मामले से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता, लेआउट प्लान और संबंधित विभाग की मंजूरी की जांच अवश्य करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके। 

यू.एल.बी की साइट के अनुसार नक्शे में दिख रहा ग्रीन कलर का क्षेत्र शहर का वैध शहरी हिस्सा माना गया है। लाल रंग में दिखाया गया बड़ा क्षेत्र शहरी सीमा में अवैध रूप से दर्शाया गया है। कई जगहों पर ग्रीन क्षेत्र के बाहर भी कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं।ऐसे इलाकों में प्लॉट खरीदने वालों के लिए भविष्य में जोखिम बढ़ सकता है। बॉक्स- शहर के इन इलाकों में तेजी से कट रही कमर्शियल कॉलोनियां- शहर के कैथल रोड, पिहोवा रोड, गुहला रोड, खरीदी रोड पर कुछ बाहरी हिस्सों में कृषि भूमि पर कमर्शियल रूप से प्लॉटिंग के कई मामले सामने आए हैं। कई जगहों पर बिना लाइसेंस छोटी-छोटी कमर्शियल कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। कुछ कॉलोनियों में सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं दिखाकर लोगों को आकर्षित किया जा रहा है। प्रॉपर्टी डीलर भविष्य में रेट बढ़ने का हवाला देकर निवेश के लिए निवेशकों पर दबाव बना रहे हैं। इतना सब होते हुए भी लोग ऐसी खरीददारी में फंस रहे हैं जबकि ज्यादातर मामलों में सिर्फ मुनाफाखोरी के चक्कर में ही इन्वेस्टर इनवेस्टमेंट करते हैं ओर इसी आवरण को न समझकर सामान्य जन अपनी जिंदगीभर की मेहनत की कमाई बड़े सौदों में फंसा कर गवा देते हैं। 

इस मामले में डी.टी.पी प्रवीण कुमार ने कहा कि नगर पालिका की हद में किसी भी कॉलोनी या अवैध निर्माण को पनपने से रोकने की जिम्मेदारी पूरी तरह नगर पालिका की बनती है। इसके लिए संबंधित नगर पालिका अपनी लिमिट में कंट्रोल जरूर करें। वैसे भी उनका विभाग तो जिले भर में कार्रवाइयों में व्यस्त रहता है। उन्होंने कहा हम फिर भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं कुछ लोगों को भी निभानी चाहिए। जिलेभर में अवैध कॉलोनी को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा।