गुड़गांव: गाली-गलौज से परेशान होकर बुजुर्ग की हत्या, 4 आरोपी गिरफ्तार
गुड़गांव के खांडसा गांव में बुजुर्ग की हत्या कर शव जलाने का मामला। गाली-गलौज से परेशान होकर आरोपियों ने की वारदात। पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
गुड़गांव : पशु पालन को लेकर आए दिन गाली गलौज किए जाने से परेशान युवकों द्वारा बुजुर्ग की हत्या कर उसके शव को सुनसान जगह पर ले जाकर जला दिया। बुजुर्ग के घर न लौटने पर परिजनों ने सेक्टर-37 थाने में बुजुर्ग के गुमशुदा होने की शिकायत दी थी। मामले में केस दर्ज करते हुए पुलिस ने जब जांच शुरू की तो बुजुर्ग की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से बुजुर्ग को जलाने की बात सामने आई जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि 14 जून को गांव खांडसा निवासी एक व्यक्ति ने अपने 64 वर्षीय पिता बलराम के गुम होने संबंधी शिकायत दी थी। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना तंत्र तथा अन्य महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर गहन जांच की। जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों एवं तथ्यों से ज्ञात हुआ कि गुमशुदा बुजुर्ग की हत्या कर दी गई थी तथा हत्या के बाद आरोपियों द्वारा साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को सुनसान स्थान पर ले जाकर आग के हवाले कर देना पाया गया।
सेक्टर-37 थाना पुलिस ने मामले में हत्या कर शव जलाने से संबंधित धाराओं को जोड़ते हुए मामले की जांच के दौरान 3 आरोपियों को 19 जून को ही बीकानेर टी-प्वाइंट, गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था जिनकी पहचान विशेष तोमर (उम्र 18 वर्ष) निवासी शामली, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), मिथुन (उम्र 30 वर्ष) निवासी फकाना, तहसील सिकंदराबाद, जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) तथा संदीप (उम्र 41 वर्ष) निवासी तहसील खरखौदा, जिला सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई। अब मामले की जांच के दौरान अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम ने एक अन्य आरोपी को कल सेक्टर-40 मार्केट से गिरफ्तार किया जिसकी पहचान मुकेश उर्फ कालिया निवासी गांव खांडसा, गुरुग्राम के रूप में हुई है।
आरोपी मुकेश उर्फ कालिया के आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने से ज्ञात हुआ कि आरोपी पर लूट करने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने, हत्या करने, शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत 9 केस गुरुग्राम में पहले भी दर्ज हैं। वहीं, पहले पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया था कि आरोपी मिथुन गुरुग्राम में ऑटो चलवाने का कार्य करता है, जबकि आरोपी विशेष व संदीप गुरुग्राम में पशुपालन का कार्य करते हैं तथा खांडसा क्षेत्र में रहते थे। आरोपियों ने बताया कि मृतक आए दिन उनके साथ गाली-गलौज करता था। 12 जून की रात को भी मृतक बलराम द्वारा उनके साथ गाली-गलौज की गई थी, जिसके चलते तीनों आरोपियों ने मिलकर मृतक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
हत्या करने के बाद आरोपी संदीप व विशेष तोमर ने मृतक के शव को मोटरसाइकिल पर रखकर लगभग 500 मीटर दूर गांव खांडसा स्थित पीछे खाली स्थान पर पहुंचाया तथा साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को आग लगा दी। आरोपियों ने शव के पूरी तरह जल जाने तक वहीं रुककर निगरानी की और उपरोक्त हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ था कि आरोपियों ने मृतक के हाथ से अंगूठी निकालकर लगभग 70 हजार रुपये में एक सुनार को बेच दी थी। पुलिस टीम द्वारा केस में उक्त अंगूठी बरामद कर ली है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

