गुरुग्राम में चलेंगी 25 नई CNG और 100 इलेक्ट्रिक बसें, UPI से किराया भुगतान की सुविधा
GMCBL की 40वीं बोर्ड बैठक में 25 नई BS-6 CNG बसों को मंजूरी मिली और पहली AC इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल जल्द शुरू होगा। अब सभी बसों में UPI से किराया भुगतान संभव।
गुड़गांव : गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के निदेशक मंडल की 40वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा बस बेड़े को बेहतर बनाने और यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जीएमसीबीएल के बेड़े में 25 नई मानक फर्श (स्टैंडर्ड फ्लोर) वाली बीएस-6 सीएनजी बसों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 12 मीटर लंबी इन बसों में 36 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। ये बसें वर्तमान में संचालित उन 25 बसों का स्थान लेंगी, जिनकी उपयोगी परिचालन अवधि लगभग पूरी हो गई है। नई बसों के शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन सेवा और अच्छी होगी और यात्रियों को बेहतर एवं आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।
बैठक में जीएमसीबीएल के बेड़े में शामिल की जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि पहली पूर्ण वातानुकूलित (एयर कंडीशंड) 25 सीटर इलेक्ट्रिक बस जीएमसीबीएल को प्राप्त हो चुकी है, जिसका जल्द ही ट्रायल शुरू किया जाएगा। यह गुरुग्राम के लिए प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों के नए बेड़े की पहली बस है। इसके अलावा शीघ्र ही 24 और इलेक्ट्रिक बसें जीएमसीबीएल के बेड़े में शामिल की जाएंगी।इस प्रकार विभिन्न चरणों में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने की योजना है, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा यात्रियों को स्वच्छ, आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का अनुभव मिलेगा।
जीएमसीबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने बैठक में बताया कि अब जीएमसीबीएल की सभी बसों में यात्री किसी भी यूपीआई आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से किराए का भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान में लगातार वृद्धि हो रही है और वर्तमान में कुल किराया संग्रह का लगभग 30 प्रतिशत भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जो यात्रियों के बीच कैशलेस भुगतान की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। बैठक में निदेशक मंडल ने गुरुग्राम की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि बस बेड़े के विस्तार, स्वच्छ एवं हरित परिवहन को बढ़ावा देने तथा तकनीक आधारित यात्री सुविधाओं के माध्यम से शहरवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय, कुशल और यात्री-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस बैठक में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक सुशील सरवान, नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, उपायुक्त गुरुग्राम उत्तम सिंह, जीएमसीबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी, पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत, जीएमसीबीएल के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र कुमार, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित की गई थी ।

