Gurugram News: डेढ़ साल से खाली पड़े सीनियर डिप्टी मेयर-डिप्टी मेयर के पद, मानहानि केस में हाई कोर्ट का नोटिस

गुड़गांव नगर निगम सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव न कराने पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट सख्त। आदेश की अवहेलना पर कमिश्नर प्रदीप दहिया को 6 अगस्त के लिए किया तलब।

 
राव इंद्रजीत बनाम राव नरबीर गुटबाजी

गुड़गांव : नगर निगम सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया को तलब कर लिया है। 6 अगस्त को मामले की सुनवाई होनी है। कोर्ट आदेश के बाद भी नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव नहीं हो पाए थे। ऐसे में याचिकाकर्ता रोहित मदान ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का केस अदालत में दायर किया जिसके बाद कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को तलब कर लिया है। 

आपको बता दें कि नगर निगम के चुनाव हुए डेढ़ वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत गया है और अब तक सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद रिक्त पड़े हैं। इन दोनों पदों के खाली रहते हुए विभिन्न कमेटियों का भी गठन कर दिया गया था। जब मामला अदालत में पहुंचा तो नगर निगम के अधिकारियों ने आनन फानन में कमेटियां भंग कर दी और जल्द ही चुनाव कराने का दावा किया। वहीं, अदालत ने 5 मार्च को आठ सप्ताह में चुनाव कराकर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। ऐसे में नगर निगम की तरफ से 31 मई तक चुनाव कराने की तैयारी थी। इसके लिए नगर निगम की मासिक सदन बैठक में ही चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। जब चुनाव के दिन बैठक हुई तो नगर निगम मेयर की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए चुनाव और बैठक दोनों ही स्थगित कर दी गई। ऐसे में चुनाव नहीं हो सका। इसके बाद भी नगर निगम अधिकारियों ने दोनों पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अब एडवोकेट रोहित मदान की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अदालत के आदेशों की अवहेलना का केस दायर कर दिया गया है। इस केस में अदालत ने नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया को नामजद करते हुए तलब किया है। 

आपको बता दें कि दोनों ही पदों को लेकर राजनीतिक उठापठक चल रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के खेमे बटे हुए हैं और दोनों ही पदों पर दोनों ही मंत्री अपने-अपने चहेतों को बैठाना चाहते हैं। ऐसे में यह चुनाव राजनीति की भेंट चढ़ गए और यही कारण है कि नगर निगम चुनाव को सम्पन्न हुए डेढ़ वर्ष का समय बीतने के बाद भी निगम को सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर नहीं मिल पाए हैं।