हांसी: ढाणी केंदू में शॉर्ट सर्किट से घर जलकर राख, महिला ने बचाई बच्चों की जान
हांसी के गांव ढाणी केंदू में शॉर्ट सर्किट से गरीब परिवार का सब कुछ जलकर राख। महिला सीमा की सूझबूझ से सो रहे दो बच्चों की बची जान। ग्रामीणों ने की आर्थिक मदद की मांग।
हांसी: ढाणी केंदू गांव के मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. जिससे गरीब परिवार का घर पूरी तरह से उजड़ गया. आग इतनी तेजी से फैल गई कि घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया. घटना के समय परिवार के दो छोटे बच्चे अंदर सो रहे थे, लेकिन महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को समय रहते बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली. आग पूरे घर में लग चुकी थी. भारी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
हांसी में मकान में लगी आग: महिला सीमा ने बताया कि "वर्षों की कड़ी मेहनत से उन्होंने बड़ी मुश्किल से सामान इकट्ठा किया था. जो अब जलकर राख हो गया है. अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है. खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की जरूरत का पूरा सामान आग की भेंट चढ़ गया, जिससे परिवार बेहद मुश्किल हालात में पहुंच गया है."
आग से मकान में रखा सारा सामान राख: हालांकि फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंची, तब तक सारा सामान जलकर राख हो चुका था. पीड़ित रामनिवास ने बताया कि आग ने सब कुछ खत्म कर दिया. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत राहत और आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार दोबारा अपनी जिंदगी संभाल सके.
महिला की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला: पीड़ित महिला सीमा ने रोते हुए बताया कि घर में अब कुछ भी नहीं बचा है, यहां तक कि शाम का खाना बनाने तक के लिए भी राशन नहीं बचा. आग में गेहूं, कपड़े, बर्तन और रोजमर्रा का पूरा सामान जल गया, जिससे हमारा पूरा परिवार पूरी तरह बेघर और बेसहारा हो गया है. गनीमत रही कि महिला ने बच्चों को वक्त रहते बाहर निकाल दिया. जिससे जानी नुकसान नहीं हुआ.
पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता की मांग: गांव के सरपंच प्रतिनिधि विजय फौजी ने कहा कि "आग लगने की घटना में गरीब परिवार का सब कुछ खत्म हो गया है. वर्षों की मेहनत से जो सामान बड़ी मुश्किल से इकट्ठा किया गया था, वह पूरी तरह जलकर राख हो गया. अब इस परिवार को दोबारा घर बसाने में कई साल लग सकते हैं, क्योंकि घर में कुछ भी शेष नहीं बचा है. आग की वजह से परिवार बेहद कठिन स्थिति में पहुंच गया है और शाम के समय खाने तक के लाले पड़ गए हैं." विजय फौजी ने प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवार की तुरंत मदद की जाए और उन्हें राहत सामग्री व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस संकट से बाहर निकल सकें.

