हरियाणा पशु टीकाकरण अभियान 2026: 55 लाख पशुओं को लगेगा सुरक्षा कवच
हरियाणा में पशुओं के लिए गलघोंटू और मुंहपका-खुरपका (FMD) के खिलाफ महा-टीकाकरण अभियान शुरू। 11 जून तक 55 लाख डोज लगाने का लक्ष्य। जानें पोर्टल पर कैसे होगा पंजीकरण।
हरियाणा के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक रीढ़ कहे जाने वाले पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। पशुपालन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में गलघोंटू और मुंहपका-खुरपका (FMD) जैसी जानलेवा व संक्रामक बीमारियों के खिलाफ एक बड़ा मुहीम चलाया जा रहा है। इसके तहत विभाग की विशेष टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं।
यह महा-टीकाकरण अभियान 11 मई से शुरू हुआ था, जो आगामी 11 जून तक सक्रिय रहेगा। इस बार पूरे अभियान को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। सभी टीकों का पूरा रिकॉर्ड 'भारत पशुधन पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है, जिससे किसी भी तरह की धांधली या लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
विभाग ने इस चरण के दौरान राज्यभर में कुल 55 लाख डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।यदि कोई पशुपालक इस अवधि में अपने पशु को टीका नहीं लगवा पाता है, तो उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस चरण के समाप्त होने के ठीक डेढ़ महीने बाद वंचित पशुओं के लिए दोबारा विशेष सत्र शुरू किया जाएगा।हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मबीर मिर्जापुर ने पशुपालकों से इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि यह टीका पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाता है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित नहीं होता। मेरी सभी प्रदेशवासियों से अपील है कि वे अपनी देहरी पर आने वाली पशुपालन विभाग की टीमों का सहयोग करें और अपने गऊधन व भैंसधन को सुरक्षा कवच (टीका) जरूर लगवाएं।"

