Haryana Revenue: हरियाणा में अगले महीने से जमीन के काम होंगे पेपरलेस, जानें क्या है नई व्यवस्था
हरियाणा में ऑटोमेटेड रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम होगा लॉन्च। 1,900 पटवारी संभालेंगे कमान, रोवर तकनीक से होगी पैमाइश। जमीन की रजिस्ट्री से लेकर जमाबंदी तक सब पेपरलेस।
हरियाणा सरकार प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अगले महीने राज्य में ऑटोमेटेड रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम लॉन्च किया जाएगा, जिससे जमीन से जुड़े सभी कार्य तेज, पारदर्शी और पूरी तरह पेपरलेस हो जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधा देना और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट सुमिता मिश्रा ने डिविजनल और डिप्टी कमिश्नरों के साथ बैठक कर इस नई व्यवस्था को जल्द लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बदलाव में तेजी, जवाबदेही और तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
राज्य में करीब 1,900 प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम पटवारियों को जल्द ही जिलों में तैनात किया जाएगा। ये पटवारी जमीन रिकॉर्ड को आधार से जोड़ने, लाल डोरा क्षेत्रों के नक्शे अपडेट करने, रोवर मशीन से सटीक पैमाइश करने और एग्रीस्टैक के तहत डेटा वेरिफिकेशन जैसे अहम कार्य संभालेंगे। जमीन की सही माप के लिए रोवर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे लंबित मामलों को तय समय सीमा के भीतर निपटाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पांच दिन से अधिक पुराने मामलों को तुरंत निपटाया जाए और लंबित फाइलों का बैकलॉग खत्म किया जाए।
डिजिटल गवर्नेंस के तहत राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक 3.23 लाख से अधिक आवेदन प्रोसेस किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 84 प्रतिशत को मंजूरी मिल चुकी है। इससे सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ी हैं। राज्य के लगभग 85 प्रतिशत गांवों के नक्शे अब भू-नक्शा पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इससे जमीन के रिकॉर्ड की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ी है। साथ ही जमाबंदी अपडेट का कार्य भी 86 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

