Mukhyamantri Bagwani Bima Yojana: 6.25 लाख रुपये तक का मिलेगा बीमा कवर, हर बॉक्स पर होगा यूनिक BBY नंबर
हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। प्राकृतिक आपदा या हादसे पर मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
करनाल: प्राकृतिक आपदा, आगजनी या सड़क हादसे में मधुमक्खियों की कॉलोनी और बी-बॉक्स को होने वाले नुकसान से अब मधुमक्खी पालकों को आर्थिक संकट नहीं झेलना पड़ेगा. हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल किया है. योजना के तहत निर्धारित जोखिमों में नुकसान होने पर मधुमक्खी पालकों को बीमा राशि का लाभ मिलेगा.
डीसी ने बताया योजना का उद्देश्य: करनाल के जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि, "इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और अनपेक्षित दुर्घटनाओं की स्थिति में मधुमक्खी पालकों को आर्थिक संबल देना है. इससे उनकी आजीविका को जोखिम से सुरक्षा मिलेगी."
कॉलोनी और बी-बॉक्स पर 1250 रुपए का कवर: उद्यान विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मधुमक्खी कॉलोनी और प्रत्येक बी-बॉक्स के लिए 1250 रुपए की बीमित राशि निर्धारित की गई है. एक मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 कॉलोनियों और 250 बी-बॉक्स का बीमा करा सकता है. इस तरह अधिकतम 6.25 लाख रुपए तक का बीमा कवर लिया जा सकता है.
किसान को देना होगा सिर्फ 4 प्रतिशत प्रीमियम: योजना में बीमित राशि का 96 प्रतिशत हिस्सा सरकारी सहयोग से कवर होगा, जबकि मधुमक्खी पालक को केवल 4 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा. यानी एक कॉलोनी के लिए 50 रुपए और एक बी-बॉक्स के लिए 50 रुपए प्रीमियम निर्धारित है. कॉलोनी और बॉक्स दोनों की एक यूनिट के लिए किसान का खर्च 100 रुपए होगा.
दो साल तक जारी रहेगा बीमा कवर: एक बार बीमा कराने के बाद योजना का सुरक्षा कवर दो वर्षों तक प्रभावी रहेगा. इससे मधुमक्खी पालकों को बार-बार बीमा कराने की जरूरत नहीं होगी. प्रशासन ने पालकों से समय रहते अपनी कॉलोनियों और बी-बॉक्स का पंजीकरण कराने की अपील की है.
बाढ़, जलभराव और आग से नुकसान भी कवर: योजना के तहत अचानक आने वाली बाढ़, जलभराव और आगजनी के कारण मधुमक्खी कॉलोनियों के नष्ट होने पर बीमा लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा मधुमक्खियों में किसी गंभीर बीमारी या महामारी की सक्षम प्राधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि होने पर उससे हुए नुकसान को भी बीमा के दायरे में रखा गया है.
सड़क हादसे में नुकसान पर भी मिलेगा लाभ: हरियाणा की सीमा के भीतर मधुमक्खियों के बी-बॉक्स को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाते समय सड़क दुर्घटना में हुए नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है. ऐसे मामलों में क्लेम के लिए पुलिस एफआईआर या डीडीआर जमा करना अनिवार्य होगा. इससे दुर्घटना से जुड़े दावों के सत्यापन में मदद मिलेगी.
हर बी-बॉक्स पर होगा यूनिक BBY नंबर: बीमा के तहत आने वाले प्रत्येक बी-बॉक्स पर विशिष्ट BBY नंबर अंकित किया जाएगा. प्रशासन के अनुसार इस नंबर से नुकसान की स्थिति में बीमित बॉक्स की पहचान और सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा. लाभ लेने के लिए मधुमक्खी पालक का BBY पोर्टल पर पंजीकरण भी जरूरी होगा.
नुकसान के बाद मौके पर होगा सत्यापन: क्लेम की स्थिति में बीमा राशि का अंतिम निर्णय मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन के आधार पर होगा. विभाग के अधिकृत अधिकारी या नियुक्त सर्वेक्षक नुकसान का निरीक्षण करेंगे. योजना के ऑनलाइन पोर्टल के पूरी तरह संचालन तक ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं.
रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने की अपील: जिला प्रशासन ने मधुमक्खी पालकों से कॉलोनियों और बी-बॉक्स का सटीक रिकॉर्ड रखने तथा समय रहते योजना में पंजीकरण कराने का आह्वान किया है. प्रशासन के अनुसार बीमा कवर से प्राकृतिक आपदा और दुर्घटना जैसे जोखिमों की स्थिति में मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी.