पंचकूला: नारी शक्ति वंदन बिल के विरोध पर भड़के सीएम सैनी, निकाली मशाल यात्रा
पंचकूला में सीएम नायब सैनी के नेतृत्व में भाजपा की 'महिला आक्रोश मशाल यात्रा'। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरा। जानें पूरी खबर।
पंचकूला: हरियाणा भाजपा ने मंगलवार को पंचकूला में नारी शक्ति वंदन संशोधित अधिनियम गिराए जाने के विरोध में महिला आक्रोश मशाल यात्रा निकाली. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के नेतृत्व में इस रोष यात्रा में प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कालका से विधायक शक्ति रानी शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया समेत भाजपा की अन्य महिला नेता और महिला कार्यकर्ता व अन्य शामिल रहीं. मशाल यात्रा सेक्टर-7/8 लाइट प्वाइंट से शुरू हुई, जो सेक्टर-7 स्थित डीसी मॉडल स्कूल के सामने पूरी हुई.
पंचकूला में बीजेपी का प्रदर्शन: इस दौरान महिलाओं ने हाथों में 'नारी शक्ति का स्वाभिमान, विपक्ष ने फिर किया अपमान' लिखी तख्तियां पकड़कर नारी शक्ति जिंदाबाद, भारत माता की जय, वन्दे मातरम और नारी शक्ति का अपमान नहीं सकेगा हिन्दुस्तान, फूल नहीं चिंगारी हूं, जैसे नारे लगाए. नारे लगाती हुई सभी महिलाएं व पुरूष उक्त स्कूल के पास पहुंचे. स्कूल के बाहर पहुंचने पर सभी भाजपा महिला नेताओं समेत मुख्यमंत्री ने कांग्रेस समेत विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधित बिल को गिराए जाने बारे जानकारी दी.
'महिलाओं के प्रति कांग्रेस का व्यवहार निराशाजनक': मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारत माता की जय और नारी शक्ति जिंदाबाद के नारे लगाए. उन्होंने कहा कि "कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के प्रति निराशाजनक व्यवहार दिखाया है. कांग्रेस लंबे समय से इसे पूरा करने में रूचि नहीं दिखा रही है. देश भर की महिलाओं में कांग्रेस के प्रति भारी रोष है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल लेकर आए तो विपक्ष का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण रहा. इसके रोष स्वरूप बहनों ने जो विशाल जुलूस निकाला है, वो कांग्रेस के कफन में एक कील साबित होगा."
'विधानसभा में कांग्रेस का रवैया लोकसभा से भी बुरा': मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि "सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया. इसके पीछे ये सोच थी कि जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास नहीं हो सका, कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बिल का विरोध किया, वो गलती यहां ना हो. सोचा था कि गलती का सुधार कर हरियाणा के सभी विधायक मिलकर बिल का समर्थन कर उसे उपर भेजने का काम करेंगे. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि कांग्रेस का जो रवैया केंद्र में था, उससे भी बुरा रवैया हरियाणा विधानसभा में देखने को मिला. कांग्रेस महिलाओं की वोट ले जाती है, लेकिन उनके अधिकारों की बात आती है, तो विधानसभा में भी नहीं बैठते. कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा के बाहर बैठकर अलग सेशन चलाने का काम किया. महिलाओं को और अपमानित करने का काम किया."
'महिलाओं को सौगात नहीं, उनका अधिकार': मुख्यमंत्री ने कहा कि "देश में महिलाओं की आधी आबादी को इस आरक्षण का अधिकार है. प्रधानमंत्री भी कह चुके हैं कि ये महिलाओं को कोई सौगात नहीं दी जा रही, ये उनका अधिकार है और सभी की जिम्मेदारी है. आज महिलाएं देश के विकास में प्रमुख भुमिका अदा कर रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, जब बहनें लोकसभा और विधानसभा में आएंगी तो विकसित भारत और तेज गति से आगे होगा. लेकिन कांग्रेस को ये नागवार लगा और बिल को गिराने का काम किया. भले ही कांग्रेस या इंडी गठबंधन कितना ही जोर क्यों न लगा ले लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो ठान लिया है, वो उसे पूरा करने का काम करेंगे."
'विपक्षी दलों ने महिलाओं का अपमान किया': राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि "16 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में बिल रखा गया. लेकिन बीते तीस वर्षों से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल को तोड़ते आ रही कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने बिल गिराकर फिर से महिलाओं का अपमान किया है. पूरे भारत में महिलाएं रोष जता रही हैं, उन्हें बहुत दुख है. महिलाएं अपना बदला सभी विपक्षी दलों- डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी से लेंगी. आगामी समय में सभी विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है. यदि सभी एकजुट रहेंगे, ऐसे में मोदी हैं तो मुमकिन है."
'प्रधानमंत्री 2029 में पास कराएंगे बिल': हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने भारत माता की जय और नारी शक्ति जिंदाबाद के नारे लगाए. उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विधानसभा और लोकसभा में जो 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल लाए, उसे वो 2029 में पास करवा कर महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे. आज जिस मशाल के साथ आक्रोश यात्रा शुरू की गई है, वो आरक्षण का लाभ नहीं मिलने तक जलती रहेगी."

