हरियाणा भाजपा की नई रणनीति: डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताई आगे की राह

हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने हारी हुई सीटों को जीतने और पार्टी को मजबूत करने की रणनीति साझा की। जानें भाजपा पोर्टल और महिला भागीदारी अपडेट।

 
नायब सिंह सैनी भाजपा हरियाणा

पंचकूला: हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय पंचकमल में मीडिया से संवाद किया. इस अनौपचारिक संवाद के दौरान उन्होंने प्रदेश में पार्टी की मजबूती के लिए अपनी सोच और विचारों को साझा किया. साथ ही पार्टी के आगामी कार्यक्रम और किन योजनाओं और प्रयासों को धरातल पर उतारते हुए सभी समुदायों को साथ जोड़ने जाएगा, इस बारे में भी उन्होंने अपनी बात रखी.

'हारी हुई सीटों पर मजबूती के प्रयास': प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि "भाजपा हर मोर्चे पर मजबूती हासिल करने के लिए प्रयासरत है. इस दिशा में मंत्रियों, कार्यकर्ताओं व अन्यों के साथ बैठक की जाएगी. फिलहाल विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए 11 नियुक्तियां की जानी हैं, जो महीने भर में कर दी जाएंगी. भाजपा प्रदेश में हाथ से खिसकी सभी लोकसभा और विधानसभा की सीटों पर मजबूती हासिल करने के लिए लोगों को साथ जोड़ेगी." गौरतलब है कि हरियाणा में वर्ष 2024 के चुनावों में बीजेपी को लोकसभा की 5 सीटों (रोहतक, सिरसा, हिसार, अंबाला व सोनीपत) और विधानसभा की 42 सीटों पर हार मिली थी.

'दावेदार अधिक लेकिन पद सीमित हैं': प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भले ही भाजपा परिवार काफी बड़ा हो चुका है, लेकिन पदों की संख्या काफी सीमित है. इस संबंध में उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही वह प्रदेश अध्यक्ष बनी लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी में उनसे बेहतर कोई और नहीं था. लेकिन सीमित पदों पर किसी एक को चुना जाना था तो पार्टी ने उन्हें मौका दिया है. लेकिन अन्य भी बहुत बेहतर हैं, नतीजतन टीम को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि पार्टी में सोशल इंजीनियरिंग का संदेश देना है. पुराने कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन और नए कार्यकर्ताओं को साथ जोड़कर उनकी ऊर्जा से पार्टी को मजबूत करना है. प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना ने कहा कि वह इस प्रयास में है कि पार्टी से जुड़े हर कार्यकर्ता को कोई एक जिम्मेदारी जरूर सौंपी जाए.

हरियाणा भाजपा पोर्टल होगा लॉन्च: प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि "सेवा के उद्देश्य से पार्टी में शामिल होने वाले मजबूत लोगों को प्रकोष्ठों में शामिल किया जाएगा, ताकि हर समुदाय में मजबूती हासिल की जा सके. बीजेपी जल्द ही हरियाणा में भाजपा पोर्टल को लॉन्च करेगी, जिस पर IMA के इच्छुक डॉक्टरों समेत हर क्षेत्र के लोग पार्टी से जुड़कर काम करने के लिए अपना पंजीकरण करवा सकेंगे."

'30 महिलाएं मंडल अध्यक्ष बनी': पार्टी में महिलाओं की 33% भागीदारी के संबंध में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि "जब वह प्रदेश महामंत्री थी, उस दौरान पार्टी ने प्रदेश चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी थी. उस दौरान पार्टी में जैसे जिला अध्यक्ष बनती रही हैं, वैसे मंडल अध्यक्ष नहीं होती थी. उस समय तक यह मानसिकता नहीं थी कि महिलाएं भी मंडल अध्यक्ष बन सकती हैं." उन्होंने बताया कि क्योंकि वह चुनाव अधिकारी थी, जिस कारण उन्होंने कहा कि वह किसी भी जिले की टीम तब तक घोषित नहीं करेंगे, जब तक एक मंडल अध्यक्ष नहीं दी जाती. बहरहाल, अच्छा काम किया, नतीजतन वर्तमान में तीस महिला कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष हैं.

महिलाओं की 33 प्रतिशत सहभागिता: इसी दिशा में डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि भाजपा में पहली बार पांच महिला कार्यकर्ता बतौर जिला अध्यक्ष जिम्मेदारी संभाल रही हैं. जबकि इससे पहले वह स्वयं और गुरुग्राम से कल दो महिलाएं ही जिला अध्यक्ष बन सकी थी. उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर जिलों की टीम में 33% और मंडल की टीमों में भी 33% महिलाएं हैं. ऐसे ही यह प्रदेश की टीम में भी 33% महिलाएं रहेंगी. उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी की टीम के संबंध में विचार-चर्चा जारी है, जो दूसरे चरण में सामने आएगी.

सीएम ने प्रशिक्षण दिया: डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ही प्रदेश में बीएलए 1 को प्रशिक्षण दिया है. इसके बाद बीएलए 1 और जिला अध्यक्षों को साथ लेकर बीएलए 2 खड़े किए गए, फिर उन्हें पंजीकृत कराया गया. सभी को प्रशिक्षित किया गया और फिर सभी बूथ पर वर्ष 2002 और वर्ष 2024 को वोटर लिस्ट पहुंचाई गई. नतीजतन फिलहाल एसआईआर का कार्य जारी है, जिसे अच्छे ढंग से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं.डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के साथ 25 जुलाई को बैठक की जानी है.

ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के प्रयास: डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया एसआईआर संबंधी प्रक्रिया में सबसे अधिक चुनौती अनट्रेस रहने वाले लोगों की है. सभी कार्यकर्ता समूची प्रक्रिया और कामकाज को संभाले हुए हैं, जो वोटर अन्य प्रदेशों में जा चुके हैं, जिनके घर बंद मिलते हैं या फिर अन्य कारणों से मिल नहीं पा रहे हैं, ऐसे लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं. मतदाता कहीं भी हों लेकिन उनसे ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के प्रयास जारी हैं, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और तेजी से पूरी की जा सके.