ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट: हरियाणा के स्निफर डॉग 'मैन्डी' ने जीता सिल्वर मेडल

नागपुर में आयोजित 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में हरियाणा सीआईडी के डॉग 'मैन्डी' का कमाल। ह्यूमन बॉडी सर्च में जीता सिल्वर मेडल। सीआईडी चीफ सौरभ सिंह ने दी बधाई।

 
डॉग रॉकी और संदीप

चंडीगढ़ : महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट (2025-26) में सी. आई.डी. (हरियाणा), मधुबन की टैक्निकल विंग के डॉग स्क्वॉड ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का आयोजन 28 मार्च से 2 अप्रैल में किया गया, जिसमें ई. एच.सी. वीरभान, जो वर्तमान में हिसार एयरपोर्ट पर बम निरोधक दस्ते में तैनात हैं, ने अपने विस्फोटक सूंघने वाले डॉग 'मैन्डी' के साथ ह्यूमन बॉडी सर्च इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मैडल हासिल किया। इस इवेंट में सि स इवेंट में स्निफर डॉग संदिग्ध व्यक्ति के पास छिपाए गए विस्फोटक पदार्थों को उनकी गंध के जरिए पहचानता और खोजता है, जो अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तकनीकी दक्षता की मांग करने वाला कार्य है।

सी.आई.डी. चीफ सौरभ सिंह ने टीम को दी बधाई: हरियाणा के सी. आई.डी. चीफ सौरभ सिंह ने इस शानदार उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि सीआईडी हरियाणा के डॉग स्क्वॉड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किया गया यह सिल्वर मेडल हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से ईएचसी वीरभान और उनके डॉग 'मैन्डी' की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट तालमेल ने यह सफलता संभव बनाई है। 

उन्होंने कांस्टेबल संदीप और 'रॉकी' के प्रदर्शन की भी प्रशंसा की तथा कहा कि यह उपलब्धि हमारी आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली और पेशेवर दक्षता को दर्शाती है। एडीजीपी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी हरियाणा पुलिस इसी तरह राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करती रहेगी। सौरभ सिंह ने बताया कि इस ड्यूटी मीट में निर्धारित मानकों के अनुसार सीआईडी हरियाणा से केवल दो डॉग्स को ही भाग लेने के लिए भेजा गया था, और दोनों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभाग का नाम रोशन किया।

स्निफिंग इवेंट्स की विविधता और चुनौती: ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में स्निफिंग से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें बिल्डिंग सर्च, व्हीकल सर्च, लगेज सर्च, स्यूमन बॉडी सर्च और ग्राऊंड सर्च जैसे इवेंट शामिल होते हैं। इन सभी प्रतियोगिताओं में उच्च स्तर की ट्रेनिंग, अनुशासन और डॉग व हैंडलर के बीच मजबूत तालमेल अत्यंत आवश्यक होता है।