Haryana News: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा, सीएम नायब सैनी का बड़ा बयान
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए और अधिक कठोर कानूनी व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम करोड़ों युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश के भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं और युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उनकी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
पेपर लीक माफिया और नकल गिरोह पर होगी कड़ी कार्रवाई
नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेपर लीक माफिया, नकल गिरोह और युवाओं का भविष्य लूटने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बने तथा युवाओं को अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पहले ही ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश में पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था लागू की गई है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियों में अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर जनता का विश्वास और अधिक बढ़े।
युवाओं की मेहनत के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित सर्वोपरि रहेंगे। जो लोग युवाओं की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ करेंगे, उनके खिलाफ हर आवश्यक और कठोर कदम उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिसमें ईमानदार अभ्यर्थियों को न्याय मिले और किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई स्थान न रहे।
1986 से उठता रहा मुद्दा, मोदी सरकार ने बनाया कानून
नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं पहले की सरकारों के दौरान भी होती रही हैं। वर्ष 1986 में भी संसद में इस विषय पर चर्चा हुई थी, लेकिन उस समय कोई प्रभावी कानून नहीं बन पाया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए कानून बनाया गया और अब उसे और अधिक प्रभावी एवं सख्त बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने हमेशा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर देश को गुमराह करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं के हितों की रक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और सुशासन के लिए लगातार ठोस निर्णय ले रही है तथा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

