हरियाणा में बिजली की मांग ने तोड़े रिकॉर्ड, 30 करोड़ यूनिट के पार खपत
चंडीगढ़: हरियाणा में गर्मी का सीधा असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दे रहा है। मई के तीसरे सप्ताह की तुलना में जून के अंतिम सप्ताह में बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। जहां मई में रोजाना बिजली की खपत लगभग 25.39 से 26.29 करोड़ यूनिट के बीच रही, वहीं जून के अंतिम सप्ताह में यह बढ़कर 27.40 से 30.30 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई। यानी एक माह में रोजाना औसतन करीब चार करोड़ यूनिट बिजली की अतिरिक्त खपत दर्ज हुई है।
चालू वर्ष के दौरान प्रदेश में अधिकतम बिजली की मांग लगभग 16,454 मेगावाट रहने का अनुमान है। वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। मई में सबसे अधिक बिजली खपत 20 मई को 26.29 करोड़ यूनिट रही थी, जबकि सबसे कम 23 मई को 25.39 करोड़ यूनिट दर्ज की गई। उस दौरान पिछले वर्ष की तुलना में बिजली की मांग में 3.10 से 4.28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई थी।
इसके विपरीत जून के अंतिम सप्ताह में विजली की मांग ने नया स्तर छू लिया है। 23 जून को 27.40 करोड़ यूनिट से शुरू हुई खपत 26 जून को 30.30 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई, जो इस अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा रहा है। 27 जून को 30.15 करोड़ यूनिट और 28 जून को 29.62 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। पिछले वर्ष की तुलना में 26 जून को सबसे अधिक 18.46 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई, जबकि 25 जून को 15.03 प्रतिशत और 27 जून को 9.33 प्रतिशत अधिक बिजली की मांग रही है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के मुताबिक बिजली की पर्याप्त व्यवस्था राज्य के पास है। ट्रांसफॉर्मरों पर अतिरिक्त लोड पड़ने में ऑटोमैटिक बिजली ट्रिप होती है, लेकिन तुरंत ही बिजली वापस आ जाती है। भीषण गर्मी, एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग, सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों की अधिक बिजली खपत, घरेलू और व्यावसायिक मांग बढ़ने से बिजली की खपत लगातार ऊपर जा रही है।

