हरियाणा में फिजूलखर्ची पर रोक: मंत्रियों-अधिकारियों के विदेश दौरों पर लगी पाबंदी
हरियाणा की नायब सैनी सरकार का बड़ा फैसला! फिजूलखर्ची रोकने के लिए मंत्रियों और अफसरों के विदेश दौरों पर आंशिक रोक। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का जापान दौरा रद्द।
May 21, 2026, 14:28 IST
चंडीगढ़ : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकारी खर्चों में कटौती की अपील का असर अब हरियाणा में भी साफ दिखाई देने लगा है। हरियाणा सरकार ने फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के लिए एक के बाद एक कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।
इसी क्रम में अब राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश दौरों पर आंशिक रोक लगा दी है। यही वजह है कि मंत्रियों के पास विदेश दौरे संबंधी आने वाली फाइलों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। सूत्रों अनुसार इस संबंध में सरकार की ओर से विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जा रही है। गाइडलाइन लागू होने के बाद केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही विदेश यात्रा की अनुमति दी जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सिलसिले में जापान जाना था लेकिन सरकार की नई मितव्ययिता नीति के चलते यह दौरा रद्द कर दिया गया। इसकी पुष्टि स्वयं मंत्री विपुल गोयल ने की है।
बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के कुछ अन्य लोगों ने भी विदेश यात्रा के लिए आवेदन किया था, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसे मंजूरी नहीं दी। श्रम एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज के विभाग में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने निजी खर्च पर विदेश जाने की अनुमति मांगी थी लेकिन विभागीय स्तर पर उन्हें भी मंजूरी नहीं दी गई। अब मुख्य सचिव की ओर से गाइड लाइन आने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
इसी क्रम में अब राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश दौरों पर आंशिक रोक लगा दी है। यही वजह है कि मंत्रियों के पास विदेश दौरे संबंधी आने वाली फाइलों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। सूत्रों अनुसार इस संबंध में सरकार की ओर से विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जा रही है। गाइडलाइन लागू होने के बाद केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही विदेश यात्रा की अनुमति दी जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सिलसिले में जापान जाना था लेकिन सरकार की नई मितव्ययिता नीति के चलते यह दौरा रद्द कर दिया गया। इसकी पुष्टि स्वयं मंत्री विपुल गोयल ने की है।
बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के कुछ अन्य लोगों ने भी विदेश यात्रा के लिए आवेदन किया था, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसे मंजूरी नहीं दी। श्रम एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज के विभाग में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने निजी खर्च पर विदेश जाने की अनुमति मांगी थी लेकिन विभागीय स्तर पर उन्हें भी मंजूरी नहीं दी गई। अब मुख्य सचिव की ओर से गाइड लाइन आने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

