Haryana Mandi Update: हरियाणा में ई-खरीद पोर्टल ठप, मंडियों में लगी ट्रैक्टरों की लंबी कतारें
भिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा मंडियों में ई-खरीद पोर्टल और सर्वर डाउन होने से गेहूं की खरीद प्रभावित। किसानों को गेट पास के लिए करना पड़ा घंटों इंतजार। जानें ताजा स्थिति।
भिवानी। ई-खरीद पोर्टल के ठप रहने से सोमवार को जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण मंडियों में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पोर्टल बंद होने के कारण गेट पास बनाने में देरी हुई और मंडियों के बाहर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की लंबी कतारें लग गईं।
दो दिन बाद सोमवार को मंडियों में गेहूं की आवक तेज रही लेकिन पोर्टल की समस्या के चलते किसानों को गेट पास कटाने में ही काफी समय लग गया। मंडी में तैनात कर्मचारियों को एक गेट पास बनाने में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगा। बीच-बीच में पोर्टल बंद होने से स्थिति और खराब हो गई।
भिवानी मंडी में अब तक करीब 1,10,000 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है जबकि 25,000 क्विंटल की सरकारी खरीद की गई है। इनमें से लगभग 18,000 क्विंटल गेहूं की उठान भी हो चुकी है। सोमवार को करीब 6,000 क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा लेकिन गेट पास कम बनने के कारण किसानों को देर शाम तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। बढ़ती आवक के चलते मंडी में जगह का संकट भी गहराने लगा है। इसी कारण चारामंडी में भी सरकारी खरीद शुरू की गई है जहां खुले प्लेटफार्म पर किसान अपनी फसल रख रहे हैं। यहां भी ई-गेट पास की व्यवस्था है लेकिन पोर्टल ठप होने से लंबी कतारें लगी रहीं और मंडी गेट पर जाम जैसे हालात बने रहे।
बवानीखेड़ा अनाज मंडी में सर्वर डाउन, किसानों को घंटों करना पड़ा इंतजार
बवानीखेड़ा। कस्बे की अनाज मंडी में सोमवार को सरकारी खरीद से जुड़ा सर्वर अचानक डाउन हो गया जिससे अव्यवस्था का माहौल बन गया। सर्वर ठप होने के कारण मंडी में लंबी-लंबी लाइनें लग गईं और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
मौके पर मौजूद किसानों ने सरकार की खरीद नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं के कारण उन्हें बार-बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि पहले से पुख्ता इंतजाम किए जाएं तो इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है। अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील प्रधान राजेश कुंगड़, तहसील सचिव रामअवतार भाकर, राजेंद्र धायल, हनुमान रोहिला, अनुप शर्मा, रामधारी यादव सहित कई किसान मंडी में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सुबह से ही किसान अपनी उपज लेकर मंडी में पहुंचे थे लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही सर्वर को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लोहारू अनाज मंडी में गेट पास के लिए घंटों इंतजार
लोहारू। ई-खरीद पोर्टल के रुक-रुक कर चलने के कारण किसानों के टोकन समय पर नहीं कट पाए इससे मंडी में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और किसानों को तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा।किसान रमेश (गागड़वास), सुखबीर, वेदप्रकाश (झुप्पा), राजीव (झुप्पा), जितेंद्र व बिजेंद्र (पथरवा) सहित अन्य किसानों ने बताया कि साइट सही तरीके से काम नहीं कर रही जिससे कई घंटे बीतने के बाद भी टोकन नहीं कट रहा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में मंडी में खड़ा रहना बेहद मुश्किल हो गया है। जिला ग्रामीण महासचिव रामभगत सोलंकी ने बताया कि लोहारू मंडी में अव्यवस्था का माहौल है और किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मार्केट कमेटी सचिव विवेक पंघाल ने बताया कि मंडी में अब तक करीब 35,000 क्विंटल अनाज की आवक हो चुकी है जबकि करीब 1,500 क्विंटल की लिफ्टिंग की जा चुकी है। अनाज के परिवहन के लिए 11 गाड़ियां तैनात हैं और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
चांग में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर करवाई गेहूं की खरीद
चांग। गांव चांग स्थित अनाज मंडी में सोमवार को पोर्टल में खराबी आने के कारण खरीद प्रक्रिया ठप हो गई। इससे किसानों के गेट पास नहीं बन सके और ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की लंबी कतारें लग गईं।मंडी प्रधान अशोक परमार ने बताया कि किसान सुबह गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे लेकिन घंटों इंतजार के बाद पोर्टल में खराबी आ गई। सूचना मिलते ही खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ऑफलाइन गेट पास बनाकर खरीद प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराया। सोमवार को मंडी में करीब 12,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। किसान दिनेश, प्रकाश, सन्नी, दिलबाग, वीरेंद्र और राजकुमार प्रभदेवा ने बताया कि अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही खरीद संभव हो सकी।
ऊंट रेहड़ी पर फसल लेकर मंडी पहुंचा किसान, पोर्टल ठप
ढिगावा मंडी। ई-खरीद पोर्टल ठप होने से सोमवार को टोकन कटना और बायोमेट्रिक प्रक्रिया दोनों प्रभावित रहीं। सुबह 10:40 बजे बंद हुई साइट शाम पांच बजे के बाद ही चालू हो सकी। बायोमेट्रिक मशीन काम नहीं करने से किसानों को बार-बार किसान सहायता केंद्र के चक्कर लगाने पड़े।
किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। सचिव विवेक पंघाल ने उच्च अधिकारियों से बात कर आढ़तियों के माध्यम से किसानों का आधार और मोबाइल डाटा ऑफलाइन तैयार कराया और वाहनों को खाली करवाया गया। सोमवार को करीब 67 किसानों को रसीद जारी की गई। किसानों ने बताया कि एक ओर वे मशीनों से कटाई के कार्य में व्यस्त हैं वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन व्यवस्था के ठप होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वेरिफिकेशन से ज्यादा दिक्कत पोर्टल के सही से काम न करने के कारण हो रही है।

