हरियाणा: फ्री CT स्कैन और MRI के लिए अब डे-केयर फाइल अनिवार्य, नए निर्देश जारी

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक मनीष बंसल ने सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं के लिए नए नियम जारी किए। मुफ्त जांच के लिए अब इनडोर या डे-केयर फाइल बनाना होगा जरूरी।

 
हरियाणा हेल्थ डिपार्टमेंट अपडेट 2026

चंडीगढ़ : स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक मनीष बंसल द्वारा राज्य के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं का रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इस बारे में निर्देश जारी करते हुए जिला नागरिक अस्पतालों में पी.पी.पी. (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं के सुचारू संचालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

महानिदेशक के अनुसार राज्य के जिला नागरिक अस्पतालों में वर्ष 2016 से सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाएं पी.पी.पी. मॉडल के तहत संचालित हो रही हैं। इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज प्रतिदिन उठा रहे हैं। वर्तमान में ये सुविधाएं बी. पी. एल. कार्ड धारकों, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, लावारिस सड़क दुर्घटना पीड़ितों, हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पैंशनरों एवं उनके आश्रितों तथा एच.आई.वी. से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं। 

इनडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल अवश्य बनाई जाए

महानिदेशक मनीष बंसल ने कहा कि इन सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने और उचित रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि संबंधित श्रेणी के किसी भी मरीज को जांच की सलाह दिए जाने पर उसका इनडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल अवश्य बनाई जाए। साथ ही मरीज की मैडीकल हिस्ट्री, लैब जांच, जांच की आवश्यकता तथा मरीज की सहमति जैसी सभी जानकारी को उपचार कर रहे डाक्टर द्वारा फाइल में दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा।

इसके अतिरिक्त रैजिडेंट मैडीकल ऑफिसर को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन इन जांचों से संबंधित आदेशों की जांच करें और संबंधित मैडीकल सुपरिंटैंडैंट या प्रधान चिकित्सा अधिकारी द्वारा इनकी पुष्टि सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए इसे अत्यंत आवश्यक एवं तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।