हरियाणा: जेलों में अब बंदी बनेंगे डेयरी एक्सपर्ट, NDRI के साथ समझौता
हरियाणा कारागार विभाग और NDRI करनाल का अनोखा समझौता। अब जेल के बंदी सीखेंगे पशुपालन और डेयरी बिजनेस। रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाने की सराहनीय पहल।
करनाल: हरियाणा की जेलों में बंदियों को रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहल शुरू की गई है। हरियाणा कारागार विभाग ने आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल के साथ समझौता कर बंदियों को पशुपालन और डेयरी उद्यमिता का व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है। योजना के पहले चरण में जिला जेल करनाल की अर्ध-खुली और खुली जेल में निरुद्ध अच्छे आचरण वाले बंदियों का चयन किया जाएगा। इन्हें जेल परिसर में ही तीन माह का प्रशिक्षण मिलेगा।
प्रशिक्षण में पशुपालन, डेयरी प्रबंधन, पशुओं की देखभाल, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, दूध से घी, पनीर, दही और मक्खन जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने के साथ डेयरी आधारित स्वरोजगार की जानकारी भी दी जाएगी। समझौते पर एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह और जिला जेल करनाल के अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने राज्यसभा सांसद संजय भाटिया की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। भाटिया ने प्रदेश की प्रत्येक जेल में ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए पांच-पांच लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की।

