CBI Court Updates 2026: 50 करोड़ रुपये गबन मामले में बढ़ी मुश्किलें, जुलाई से न्यायिक हिरासत में है आरोपी क्लर्क
हरियाणा सरकार से जुड़े लगभग 504 करोड़ रुपये के कथित फंड घोटाले के मामले में हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड के संविदा (Contractual) अकाउंट्स क्लर्क अमित कुमार को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
सीबीआई के अनुसार, इस बड़े वित्तीय घोटाले में बोर्ड के करीब 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) से कथित तौर पर हड़पे गए थे।
🔍 बिना सक्षम अनुमति के बैंक खाता खुलवाने और साक्ष्य मिटाने का गंभीर आरोप
जांच एजेंसी सीबीआई ने अदालत में दलील देते हुए आरोप लगाया कि आरोपी अमित कुमार ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर बिना किसी सक्षम अधिकारी की विधिवत अनुमति के बैंक में बचत खाता खुलवाने में मदद की थी:
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दस्तावेज और फोटो साझा करना: आरोपी ने हस्ताक्षरकर्ता की फोटो और मोबाइल नंबर सह-आरोपी अभय कुमार को व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से उपलब्ध करवाए थे।
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पत्राचार छिपाना: बैंक से होने वाले आधिकारिक पत्राचार और लेन-देन की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों से पूरी तरह छिपाई गई थी।
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चैट डिलीट करना: सीबीआई के मुताबिक, अमित कुमार ने अभय कुमार के साथ की गई व्हाट्सएप चैट को बाद में अपने मोबाइल से डिलीट कर साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की थी। जांच के दौरान उसके बैंक खाते में 50 हजार रुपये नकद जमा होने की बात भी सामने आई है।
⚖️ बचाव पक्ष की दलीलें और अदालत का फैसला
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि आरोपी की भूमिका इस पूरे मामले में बेहद सीमित थी और वह पिछले साल जुलाई से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
हालांकि, मामले की गंभीरता और वित्तीय धोखाधड़ी के साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है।