Traffic Management Haryana: डीजीपी अजय सिंघल ने की समीक्षा बैठक, जाम से निपटने के लिए प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर जोर

हरियाणा में नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली लागू कर दी गई है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब डिजिटल और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

 
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हरियाणा पुलिस ने यातायात नियमों की पालना, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली' को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। इस नई तकनीक-आधारित व्यवस्था के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। चालान जारी होने से लेकर उसके निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया जवाबदेह बनाई गई है, जिससे प्रशासनिक कामकाज में और अधिक कसावट आएगी।

📋 नियम और समय सीमा: 3 दिन में नोटिस और 45 दिनों के भीतर चुनौती देने का मिलेगा मौका

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू इस व्यवस्था के तहत यातायात उल्लंघन के तीन दिनों के भीतर वाहन चालक को नोटिस भेजा जाएगा। चालक को 45 दिनों के भीतर चालान स्वीकार करने या उसके विरुद्ध शिकायत दर्ज करने का अवसर मिलेगा। यदि कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो चालान स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा। इसके अलावा, शिकायत खारिज होने पर 50 प्रतिशत राशि जमा कर इसे न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है, जबकि स्वीकृत चालान का भुगतान 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।

🚦 प्रिवेंटिव पुलिसिंग और वाहन स्क्रैपिंग पर जोर: डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश

पुलिस मुख्यालय पंचकूला में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी अजय सिंघल ने अधिकारियों को जाम की समस्या से निपटने के लिए 'प्रिवेंटिव और डेटा-आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट' अपनाने के निर्देश दिए। गूगल मैप्स और डिजिटल मैपिंग के जरिए संभावित जाम वाले क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही, एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए पुरानी गाड़ियों की स्क्रैपिंग नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और नियमों का सख्ती से पालन कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।