Weather Alert & Crop Crisis: धान भीगने से किसानों को भारी नुकसान का अश्शा, प्रशासन से उठान तेज करने की मांग

हरियाणा की मंडियों में धान की भारी आवक के बीच धीमा उठान और बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। खुले में पड़े लाखों टन धान के भीगने का अश्शा है।

 
rain damage paddy Haryana 2026

हरियाणा की अनाज मंडियों में इन दिनों धान की बंपर आवक दर्ज की जा रही है, लेकिन इसके साथ ही धीमा उठान (Lifting) किसानों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गया है। मौसम विभाग की ओर से लगातार बारिश की चेतावनियां दी जा रही हैं, इसके बावजूद मंडियों में खुले आसमान के नीचे खुले में रखी फसल को सुरक्षित करने के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। हालिया बारिश के चलते कई जिलों की मंडियों में धान भीग चुका है, जिससे खरीद प्रक्रिया बाधित होने के साथ-साथ किसानों को अपनी फसल के नुकसान और बिक्री में भारी देरी की चिंता सताने लगी है।

🌧️ 6 जिलों की मंडियों में भीगा करीब 6.28 लाख टन धान: खुले में पड़ा है 13 लाख टन से अधिक स्टॉक

आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश की मंडियों में अब तक 17.25 लाख टन धान पहुंच चुका है, जिसमें से 10.78 लाख टन की खरीद तो हो गई है, लेकिन खरीद एजेंसियां अभी तक महज 4.19 लाख टन धान का ही उठान कर पाई हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि करीब 13.06 लाख टन धान खुले में पड़ा हुआ है। बारिश के कारण सिरसा, डबवाली, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और करनाल की मंडियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। अकेले छह जिलों की मंडियों में लगभग 6.28 लाख टन धान के भीगने की जानकारी सामने आई है, जिससे अनाज की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।

⚠️ 16 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने के आसार: किसानों ने प्रशासन से उठान तेज करने की की मांग

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 14 से 16 अक्टूबर के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी की संभावना है। दूसरी ओर, कई जगहों पर धान में नमी 20 से 25 प्रतिशत तक पहुंच जाने के कारण भी खरीद में रुकावट आ रही है। कैथल और कुरुक्षेत्र जैसी बड़ी मंडियों में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों और आढ़तियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मंडियों में जल निकासी सुधारी जाए और युद्ध स्तर पर धान का उठान कराकर फसलों को सुरक्षित किया जाए।