हरियाणा: नवनियुक्त पटवारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बदलेंगे ये 6 काम
हरियाणा में 2605 नए पटवारियों को तैनाती। अब भूमि रिकॉर्ड के साथ आधार लिंकिंग, किसान आईडी और स्वामित्व योजना जैसे 6 महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भिवानी। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में नवनियुक्त 2605 पटवारियों को नियमित पटवार सर्कल आवंटित करने के साथ छह महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। राजस्व प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने और भूमि प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। भू-अभिलेख निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के बाद सभी उपायुक्तों को तत्काल प्रभाव से पटवारियों को नियमित फील्ड ड्यूटी सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। भिवानी जिले को 150 पटवारी मिले हैं।
अब तक पटवारी मुख्य रूप से भूमि की जमाबंदी, इंतकाल, गिरदावरी और रिहायशी प्रमाण-पत्रों के सत्यापन का कार्य करते थे लेकिन अब छह नई जिम्मेदारियां दी गईं हैं। इनमें आधार कार्ड का एकीकरण, एग्री स्टैक योजना के तहत किसान आईडी तैयार करना, जमाबंदी रिकॉर्ड का मानकीकरण, खाना काश्त प्रविष्टियों में सुधार, स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक का सृजन और भू-नक्शा पोर्टल पर ततीमा का अद्यतन शामिल है। इन सबका सभी पटवारियों को एक वर्ष का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
ये छह प्रमुख कार्य करने होंगे
- आधार कार्ड का एकीकरण और लिंकिंग: इसके तहत पटवारी अपने क्षेत्र के भू-स्वामियों के सहमति-आधारित आधार नंबर एकत्र कर उन्हें भूमि रिकॉर्ड (जमाबंदी) से जोड़ेंगे। इससे बेनामी संपत्तियों पर अंकुश लगाने और धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।
एग्री स्टैक योजना के तहत किसान आईडी तैयार करना: केंद्र और राज्य सरकार की एग्री स्टैक योजना के तहत प्रत्येक किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान यानी किसान आईडी बनाई जाएगी ताकि कृषि योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे किसानों तक पहुंच सके।
जमाबंदी रिकॉर्ड का मानकीकरण: इसके तहत कोर्ट की रोक, बैंकों से लिए गए ऋण और अन्य वित्तीय एवं विधिक प्रविष्टियों का मानकीकरण किया जाएगा ताकि भूमि रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी बन सके।
खाना काश्त प्रविष्टियों में सुधार करना: जमाबंदी के कॉलम नंबर-5 में दर्ज खाना काश्त प्रविष्टियों में लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार ठीक किया जाएगा।
स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक का सृजन करना: ग्रामीण आबादी क्षेत्र को लाल डोरा मुक्त बनाने वाली स्वामित्व योजना के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद मालिकाना हक के पक्के रिकॉर्ड और दस्तावेज तैयार किए जाएंगे।
भू-नक्शा पोर्टल पर ततीमा का अद्यतन: अत्याधुनिक तकनीकी सुधारों के तहत जमीन के उप-विभाजनों और नए नक्शों को भू-नक्शा पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपडेट करने की जिम्मेदारी भी पटवारियों को सौंपी गई है।
लोगों को दफ्तरों के कम चक्कर लगाने पड़ेंगे
पटवारियों के पद रिक्त होने या कार्यभार अधिक होने के कारण आम जनता को दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि की पैमाइश और विभिन्न प्रकार के राजस्व प्रमाण-पत्रों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। नए प्रशिक्षित पटवारियों के कार्यभार संभालने से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी बल्कि आम नागरिकों को अपनी जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों के लिए दफ्तरों के कम चक्कर लगाने पड़ेंगे।
जनता के कार्य समय पर और सरलता से हो सकेंगे
नए पटवारियों की नियुक्ति होने के बाद राजस्व विभाग के कार्यों में गति आएगी और कानूनगो के पदों में भी वृद्धि होगी। आम जनता के कार्य समय पर और सरलता से हो सकेंगे।

