Haryana News: अस्पतालों में महंगी दवाओं पर सख्ती, ₹1000 से ऊपर की दवा का देना होगा हिसाब

हरियाणा पीजीआई प्रशासन का बड़ा फैसला: ₹1000 से अधिक कीमत वाली दवाओं की खरीद के लिए अब विभागों को देना होगा लिखित औचित्य। बजट प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर।

 
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हरियाणा : हरियाणा प्रदेश के अस्पतालों में महंगी दवाओं को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। पीजीआई प्रशासन ने आलोचनाओं के बीच महंगी दवाओं की खरीद पर सख्ती बढ़ा दी है। अब एक हजार रुपए प्रति यूनिट से ज्यादा कीमत वाली दवाओं को खरीदने से पहले संबंधित विभागों को उसका पूरा औचित्य बताना होगा।

हाल ही में जारी आदेश के मुताबिक पहले सभी विभाग अपनी दवाओं की मांग सीधे खरीद विभाग को भेज देते थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को बदल दिया गया है। निदेशक कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि महंगी दवाओं की मांग भेजने से पहले विभागाध्यक्षों को विस्तार से बताना होगा कि दवा क्यों जरूरी है और उसका मरीजों पर क्या असर होगा।

केंद्रीय भंडार ने विभागों से कहा कि महंगी दवाओं की मांग पर आगे बढ़ने से पहले कुछ अहम बातें स्पष्ट की जाए, जैसे, क्या उस दवा का कोई सस्ता विकल्प उपलब्ध है। कितने मरीजों को इससे फायदा होगा। इलाज की सफलता दर क्या है। दवा किसी रिसर्च या प्रोजेक्ट के लिए तो नहीं ली जा रही। प्रशासन ने एक हजार रुपए से लेकर 76 हजार रुपए प्रति यूनिट तक की कीमत वाली दवाओं की सूची भी विभागों को भेजी है और जल्द जवाब मांगा है। वहीं पीजीआईएमएस प्रबंधन का कहना है कि सीमित बजट के कारण अब दवाओं की खरीद प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, ताकि जरूरी दवाओं की कमी न हो और मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। इससे अनावश्यक खर्च पर रोक लगेगी।