Haryana GST Collection: हरियाणा ने रचा इतिहास! SGST संग्रह में 22% की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ देश में नंबर-1; आंकड़ों में देखें बड़ी छलांग
वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा SGST संग्रह में देश का अग्रणी राज्य बना। 22% की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ राज्य ने ₹44,460 करोड़ का कर एकत्रित किया है। जानें मुख्यमंत्री नायब सैनी की नीतियों और आबकारी विभाग की मुस्तैदी ने कैसे हरियाणा को बनाया जीएसटी हब।
चंडीगढ़: वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह में 22 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज करते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह (समायोजन के वाद) 44,460 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष में फरवरी तक हुए संग्रह से 7,918 करोड़ रुपये अधिक है।
जहां सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में औसत वृद्धि दर। करीब 6 फीसदी रही, वहीं हरियाणा में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी माह में भी राज्य की राज्य में 6,22,478 पंजीकृत करदाता हैं और सभी जिलों में जीएसटी सुविधा केंद्र खोले गए वृद्धि दर 23 फीसदी रही है। सितंबर 2025 में जीएसटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जीएसटी दरों में सुधार के प्रस्तावों का समर्थन किया था।
आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य में 6,22,478 पंजीकृत करदाता हैं और सभी जिलों में जीएसटी सुविधा केंद्र खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से छोटे व्यापारियों को पंजीकरण में आसानी हुई है और फर्जी आवेदनों पर भी अंकुश लगा है। विभाग को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में सभी राजस्व लक्ष्य हासिल कर लिए जाएंगे।

